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स्टिंग में खुलासा: अस्पताल कर्मचारी किडनी निकालकर बेचते हैं

Sun, 05 Jul 2015 02:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 05 Jul 2015 02:11 PM IST
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Hospital workers seen removing, selling organs from bodies in a sting

भ्रष्टाचार विरोधी टीम ने मेरठ के एक अस्पताल में स्टिंग कर भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। टीम के इस स्टिंग ऑपरेशन में कुछ खौफनाक चीजें भी सामने आई हैं जो चौंकाने वाली हैं।

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टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन टीम ने खुलासा किया है कि उत्तर प्रदेश के कुछ अस्पतालों में शवों का जब पोस्टमार्टम किया जाता है तो उनसे लीवर, किडनी और हृदय जैसे अंग निकाल लिए जाते हैं।
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इतना ही नहीं इन अंगों को तांत्रिकों को पांच हजार रुपए से 20 हजार रुपए तक की कीमत पर बेच भी दिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि तांत्रिक इन इंसानी अंगों को काला जादू करने में इस्तेमाल करते हैं।

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पुलिस की मौजूदगी में होगा पोस्ट मार्टम

Hospital workers seen removing, selling organs from bodies in a sting

मामले पर संज्ञान लेते हुए मेरठ के जिलाधिकारी पंकज यादव ने कहा है कि उन्होंने इस बारे में सरकार को रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने कहा वह इस मामले की जांच कराएंगे।

मेरठ जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा अब कोई भी पोस्टमार्टम बिना पुलिस की मौजूदगी में नहीं होगा।

वहीं अस्पतालों के किए गए स्टिंग में दिखाया गया है कि पोस्टमार्टम में लग कर्मचारी शवों से किडनी और लीवर को नीकाल कर तात्रिकों को 5 हजार रुपए में बेच देते हैं। ये कर्मचारी हृदय को 20 हजार रुपए तक में बेच देते हैं।

पुलिसकर्मी के भी अंग निकालकर बेच दिए

Hospital workers seen removing, selling organs from bodies in a sting

हाल ही में मरे व्यक्ति के ताजे शरीर से निकाला गया लीवर 5100 हजार रुपए में बिक जाता है, अगर यही लीवर एक दिन पहले मरे व्यक्ति के शरीर से निकाला जाता है जो उसकी कीमत दो हजार रुपए तक ही होती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल में एक पुलिसकर्मी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी जिसका लीवर और किडनी निकालकर बेच दिया गया था। लीवर निकालर कर बेचने वाले कर्मचारी ने दावा किया इस पुलिसकर्मी का लीवर भी 5100 रुपए में बेचा गया था।

मामले पर एसपी ओम प्रकाश ने कहा है कि उन्हें इस तरह की घटना पहली बार सुनने में आई हैं। इस तरह का काम सिर्फ अमानवीय और अनैतिक ही नहीं है बल्कि गैरकानूनी भी है। उन्होंने कहा कि मामले पर एक बार एफआईआर दर्ज हो जाए फिर वह इस पर कार्रवाई करेंगे।

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