प्रेमी के साथ मिली युवती, बाप-भाई ने किया कत्ल
इज्जत की खातिर मुजफ्फरनगर के मलीरा गांव में प्रतिभा की हत्या उसके पिता और भाई ने ही की थी। भागते प्रेमी का पीछा करते वक्त परिजनों के आगे युवती ढाल बनकर खड़ी हो गई थी।
इससे खफा परिजनों ने उसकी जान ले ली थी। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त शॉल और ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मलीरा गांव निवासी प्रतिभा (19) पुत्री जगपाल की लाश छह जनवरी की सुबह करीब छह बजे गांव के बाहर स्थित रतन त्यागी के खेत में पड़ी मिली थी। ईंटों से सिर और चेहरा कुचला गया था। पिता जगपाल ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले का लगभग खुलासा कर दिया था।
बेटी के कमरे में मिला था प्रेमी
पीएम रिपोर्ट में प्रतिभा की हत्या दम घुटने से आने के साथ ही मौत के बाद सिर-चेहरा कुचले जाने की बात उजागर हुई थी। इसके बाद प्रतिभा के पिता और भाई प्रदीप से पुलिस ने नए सिरे से पूछताछ की, जिसमें हत्या का पूरा राज खुलकर सामने आ गया।
पुलिस के मुताबिक प्रतिभा का करीब चार साल से बागोवाली निवासी शिब्बू से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन प्रतिभा के परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। पांच जनवरी को देर रात करीब तीन बजे प्रतिभा ने फोन कर शिब्बू को घर बुलाया था, जहां दोनों ने कमरे में बैठकर एक साथ खाना खाया।
इसी बीच आहट सुनकर पिता जगपाल की नींद खुल गई, जिस पर शिब्बू प्रतिभा के कमरे से निकलकर भागने लगा। जगपाल ने बेटे प्रदीप के साथ उसका पीछा किया, तो प्रतिभा भी प्रेमी को बचाने के लिए उनके पीछे भाग पड़ी।
'साहब, उसकी शक्ल से नफरत हो गई थी'
गांव के बाहर पहुंचकर प्रतिभा पिता-भाई के सामने खड़ी हो गई, जिससे शिब्बू को बचकर निकलने का मौका मिल गया। इससे गुस्साए पिता-भाई ने प्रतिभा के शॉल से ही उसका गला घोंट दिया और मरने के बाद प्रदीप ने ईंट से उसका चेहरा कुचल दिया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त शॉल और ईंट बरामद कर ली है। इंस्पेक्टर चमनसिंह चावड़ा ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। लिखा-पढ़ी कर दोनों को जेल भेजा जा रहा है।
दलित जगपाल और उसके बेटे प्रदीप ने बेटी की हत्या का गुनाह कुबूल कर लिया। उसके पिता ने कहा कि उसकी शक्ल से भी नफरत हो गई थी, इसीलिए ईंट से चेहरा भी कुचल दिया।
ऐसे शुरू हुई थी ये प्रेम कहानी
करीब चार साल पहले प्रतिभा रिश्तेदारी में बागोवाली गई थी, जहां रिश्तेदार के पड़ोस में रहने वाले अपनी बिरादरी के ही शिब्बू से उसकी आंखें चार हो गईं। दोनों ने एक-दूसरे से मोबाइल नंबर लिया, जिसके बाद उनके बीच बातचीत शुरू हो गई।
कुछ समय बाद शिब्बू प्रेमिका से मिलने के लिए मलीरा गांव में भी जाने लगा। दोनों के परिवार को इसकी जानकारी मिली, तो शिब्बू ने प्रतिभा से शादी करने की बात की, लेकिन जगपाल तैयार नहीं हुआ। समझाने-बुझाने के बावजूद प्रतिभा भी शिब्बू से लगातार मिलती रही, जिससे उसके परिजन खासे नाराज थे।
इसी के चलते करीब एक माह पहले परिजनों ने प्रतिभा को मेरठ के पूठी गांव में कोल्हू पर काम करने वाले बड़े बेटे सरमा के पास भेज दिया। वहां से चार जनवरी को ही प्रतिभा घर लौटी थी। चार जनवरी की ही रात पिता जगपाल और भाई प्रदीप ने उसे प्रेमी से लगातार बात करने पर पीटा भी था।
पांच जनवरी की रात प्रतिभा ने फोन कर शिब्बू को घर बुलाया था। आहट होने पर पिता जगपाल ने दोनों को पकड़ लिया। शिब्बू के भागने के बाद गांव के बाहर खेत में पिता और भाई ने ही प्रतिभा की पहले शॉल से गला घोटकर हत्या की और फिर ईंट से उसका चेहरा कुचल दिया।
पुलिस के सामने बोला आरोपी पिता
पुलिस हिरासत में पिता जगपाल का कहना था कि साहब! हमारे मना करने पर भी जब उसने शिब्बू से मिलना नहीं छोड़ा तो हम क्या करते। बात न मानने पर अब तो हमें उसकी शक्ल से भी नफरत हो गई थी, इसलिए गला घोटकर मारने के बाद उसके चेहरे को भी ईंट से कुचल दिया।
इस दौरान पिता का चेहरा पूरी तरह भावशून्य रहा, लेकिन भाई प्रदीप के चेहरे पर पछतावा और आंखों में आंसू दिखे।
प्रतिभा के प्रेमी शिब्बू का कहना है कि उसके पिता और भाई से बचकर वह डर के मारे तड़के करीब चार बजे ही सीधे रामपुर तिराहे पर स्थित कोल्हू पर काम करने चला गया था। वहां से सात जनवरी को वह घर पहुंचा, तो पिता ने अखबार में छपी खबर पढ़कर उसे प्रतिभा की मौत की जानकारी दी।
प्यार करने की वजह से बेटी को सजा-ए-मौत देने वाले पिता और भाई, प्रतिभा का प्रेमी शिब्बू शहर कोतवाली की हवालात में एक साथ आमने-सामने बैठे रहे। इस दौरान तीनों एक-दूसरे को देखते रहे, हालांकि उनके बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हुई।