'मौत की पंचायत' ने प्रेमी जोड़े को जिंदा जलाया
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बुद्ध नगरी गया में बिरादरी पंचायत का तालिबानी फरमान सुनाने का मामला सामने आया है। इसमें प्रेमी जोड़े को पहले बुरी तरह से मारा-पीटा गया और फिर पंचायत ने दोनों की मौत का फरमान सुनाया।
इस पर ग्रामीणों ने दोनों को जिंदा जला दिया। गया पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें लड़की का पिता भी शामिल है। घटना जिले के वजीरगंज थाना के अमैठा गांव में हुई।
यहां दोनों प्रेमियों को सरेआम सजा देने की कार्रवाई तीन घंटों तक चली। यह प्रेमी जोड़ा गांव से भाग निकला था। बदकिस्मती से दोनों पकड़े गए, जिसके बाद पंचायत ने तालिबानी फरमान सुनाया और ग्रामीणों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना की जानकारी मृतक जयराम मांझी की पत्नी शकुंतला देवी ने पुलिस को दी।
साफ तौर पर ऑनर किलिंग का मामला
बताया जा रहा है कि 36 वर्षीय जयराम मांझी, वजीरगंज के कसियाडीह गांव का रहने वाला था और तीन बच्चों का बाप था, जबकि 16 साल की लड़की अमैठा गांव की थी। गांववालों का कहना है कि जयराम तीन दिन पहले लड़की के साथ फरार हो गया था।
ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। दोनों को फतेहपुर थाना के पहापुर गांव से पकड़ा गया। गांव की महादलित बस्ती में पंचायत बैठी। दोनों को मौत की सजा सुनाई गई।
बताया जा रहा है कि पहले दोनों को लाठी-डंडे से पीटा गया, फिर दोनों बेसुध हो गए तो उन्हें चिता पर लेटाकर आग लगा दी। जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने किसी भी हालात से निबटने के लिए व्यापक तैयारी की थी। पंचायत में शामिल लोगों के पास अवैध असलहे थे।
ऑनर किलिंग का है मामला -एसएसपी
गया के एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि यह साफ तौर पर ऑनर किलिंग का मामला है। लड़की की चाची को पुलिस ने हिरासत में लिया है। नामजद लोगों में आठ महिलाएं और सात पुरुष हैं। मृतक जयराम मांझी की पत्नी शकुंतला देवी ने प्रेम प्रसंग में हत्या का शिकार हुए पति को निर्दोष बताया है।