तानों ने किया जीना हराम, चला मौत के रास्ते
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'गांव में मिल रहे तानों ने जीना हराम कर दिया है इसलिए मैने जहर खा लिया है'। हिसार रेपकांड की एक पीड़िता के चाचा ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर अपने गांव में जहरीला पदार्थ खा लिया।
गंभीर हालत में उन्हें यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां वह आईसीयू में हैं। वहीं अपने पिता की हालत बिगड़ी देख बेटा भी बेहोश हो गया।
उसे भी यहां भर्ती कराया गया है। जहर निगलने वाले व्यक्ति की पत्नी ने बताया कि वह रविवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करने गए थे। वहां सरकार की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने से बेहद आहत हैं।
चार दलित लड़कियों का हुआ था अपहरण
दिल्ली से लौटकर उन्होंने अपनी पत्नी और पुत्र को बुलाकर कहा कि गांव में मिल रहे तानों ने जीना हराम कर दिया है इसलिए उसने स्प्रे का सेवन कर लिया है।
अस्पताल में उनका उपचार कर रहे डॉ. एसएस मलिक का कहना है कि स्प्रे का सेवन करने वाले की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। वहीं उसके पुत्र की हालत ठीक बताई जा रही है। उनकी पत्नी ने बताया कि रेपकांड के आरोपी और उनके समर्थक समझौते का दबाव बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 23 मार्च को पांच लड़कों ने गांव की चार दलित लड़कियों का अपहरण किया था, जिसमें से तीन लड़के गांव के और दो लड़के गांव से बाहर के थे।
अपहरण कर एक के साथ दुराचार किया गया था, जबकि बाकी के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। बाद में चारों लड़कियों को बठिंडा रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया था।
कभी कैंडल मार्च निकाला तो कभी धरना दिया
पुलिस ने इस संबंध में दुराचार का मामला दर्ज किया था और दुराचार के आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब परिजन आरोपियों का साथ देने वालों की गिरफ्तारी की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए हैं।
पीड़ित परिवार जिला प्रशासन से निराश होकर इस आस से देश की राजधानी गए थे कि उन्हें शायद न्याय मिल जाए। पीड़ितों ने रोष-प्रदर्शन किया। डीयू के स्टूडेंट्स संगठनों ने प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगाई।
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास का घेराव तक किया। कभी कैंडल मार्च निकाला तो कभी जंतर-मंतर पर धरना दिया, लेकिन न्याय की उम्मीद जैसे-जैसे दिन गुजरते गए, कम होती गई।
डेढ़ माह से पीड़ितों के घर नहीं जल रहे चूल्हे
पीड़ित लड़की के चाचा ने यह कहकर जहर निगल लिया कि उन्हें कहीं न्याय नहीं मिला, वे किसी को मुंह दिखाने के काबिल ही नहीं रहे।
उधर, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह से अमर उजाला टीम ने देर रात बात की। वे मामले के बारे में सुनकर हैरान हुए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से मामले के बारे में जानकारी मांगी जाएगी। आयोग इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेगा।
दो लड़कियों के साथ दुराचार और उनकी दो सहेलियों के साथ हुए छेड़छाड़ मामले में न्याय की गुहार लगाने वाले परिवार आहत होकर गांव से पलायन कर पहले लघु सचिवालय बैठे थे। 16 अप्रैल को परिवार व गांव के लोग दिल्ली चले गए। पीड़ित परिवारों के घरों में करीब डेढ़ महीने से चूल्हे तक नहीं जले हैं।
पांच युवकों पर लगा अपहरण कर दुराचार का आरोप
लड़कियों ने इस मामले में पांच युवकों पर अपहरण कर दुराचार और छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। मामले में गांव के सरपंच और उसके परिवार के लोगों का हाथ बताया था।
उन्होंने कहा कि पूरा मामला सरपंच और उसके परिवार के लोगों की जानकारी में था और उन्होंने आरोपियों को शह दी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की थी कि सरपंच व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
दूसरा लड़कियों को आर्थिक सहायता दी जाए। पीड़ित परिवार को शहर में आवास उपलब्ध करवाया जाए। लड़कियों की पढ़ाई और मेडिकल खर्च प्रशासन व सरकार की तरफ से उठाया जाए। आरोपियों को फांसी की सजा हो। एफएसएल रिपोर्ट पीड़ित पक्ष को भी दे।