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यूपी: पुलिस ज्यादती से क्षुब्ध कारोबारी ने खाया जहर, मौत

Tue, 04 Aug 2015 03:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस Updated Tue, 04 Aug 2015 03:35 PM IST
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hathras businessman suicides after the police torture

यूपी के हाथरस में पुलिस के उत्पीड़न के शिकार एक कारोबारी ने सोमवार दोपहर बाद कलेक्ट्रेट में सल्फास की गोलियां खा लीं, जिससे उसकी मौत हो गई। कारोबारी का आरोप था कि पुलिस ने उसे नकली घी बनाने के झूठे आरोप में एक रात हवालात में बंद रखा।

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हवालात में पुलिस ने उसका जमकर उत्पीड़न किया और अगले दिन सुबह दस हजार रुपये की रिश्वत लेकर छोड़ा। कारोबारी डीएम के पास इंसाफ की गुहार लगाने गया था। वहां उसने एकाएक सल्फास की तीन गोली खा लीं। व्यापारी के पास एक सुसाइड नोट भी था।
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बैठक में व्यस्त डीएम ने आनन-फानन कारोबारी को एक अधिकारी की सरकारी गाड़ी में जिला अस्पताल पहुंचाया। पीछे-पीछे डीएम और बाकी अधिकारी खुद इमरजेंसी वार्ड तक आ गए। उन्हें अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां डेढ़ घंटे के उपचार के बाद पीड़ित ने दम तोड़ दिया।

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'न्याय नहीं मिला तो जिंदा नहीं रहेंगे'

hathras businessman suicides after the police torture

श्रीनगर नई बस्ती की पूर्व सभासद सुशीला देवी के पति गोपाल बघेल पुत्र रोशनलाल पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाले नंदलाल प्रोडक्ट ब्रांड के घी का कारोबार करते हैं।

उनके बेटे विष्णु बघेल के मुताबिक थाना हाथरस गेट पुलिस ने उनके पिता को नकली घी बनाने के आरोप में बीती 31 जुलाई को घर से उठा लिया था। हवालात में रातभर पुलिस ने उन पर जुल्म ढहाया। सुबह दस हजार रुपये देने पर गोपाल को छोड़ दिया गया।

पुलिस के दुर्व्यवहार से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को चोट पहुंची थी। इसे लेकर गोपाल पिछले तीन दिनों से बेहद परेशान थे और इस मामले में पुलिस पर कार्रवाई का मन बना रहे थे। उन्होंने डीएम से गुहार लगाने का फैसला किया। साथ में यह भी तय किया कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा तो वह जिंदा नहीं रहेंगे।

गोपाल ने तोड़ा दम

hathras businessman suicides after the police torture

रविवार को ही उन्होंने एक सुसाइड नोट तैयार कर लिया था। सोमवार दोपहर जब वह कलेक्ट्रेट पहुंचे तो अपने साथ सल्फास की गोलियां ले गए। उस समय कलेक्ट्रेट में ज्यादातर अधिकारी डीएम शमीम अहमद खां के साथ बैठक में व्यस्त थे।

वकीलों से मिलने के बाद वह कलेक्ट्रेट में खड़ी डीएम की कार के पास जाकर खड़े हो गए। बैठक के कारण जब डीएम से मुलाकात नहीं हुई तो गोपाल ने जहर की गोलियां निगल लीं। कलेक्ट्रेट के बाबुओं ने उन्हें जहर खाते देख लिया और वे दौड़कर उन तक पहुंचे और बाकी गोलियां छीन लीं।

डीएम को सूचना दी गई। मौके पर डीएम पहुंचे तब तक गोपाल की हालत बिगड़ चुकी थी। उन्हें पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की सरकारी कार में जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया गया। पीछे-पीछे डीएम और बाकी अधिकारियों को आता देख डॉक्टर उपचार में जुट गए। गोपाल को उल्टियां कराई गईं, फिर भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें प्राइवेट एंबुलेंस में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ मेडिकल कालेज में काफी देर तक उपचार के बाद गोपाल बघेल ने दम तोड़ दिया।

मामले पर हाथरस के डीएम शमीम अहमद खां ने कहा गोपाल बघेल नाम के एक व्यक्त्ति ने कलेक्ट्रेट में जहर खाया है। उनके हाथ में एक कागज भी था, जिस पर पुलिस के उत्पीड़न किए जाने की बात लिखी थी।

हालत बिगडने पर उन्हें राजकीय गाड़ी से जिला अस्पताल भेजा गया। यहां से मेडिकल रेफर किया गया। चूंकि सल्फास खून में घुल चुकी थी, इसलिए डेढ़ घंटे की कोशिश के बावजूद डॉक्टर गोपाल को नहीं बचा सके। इस मामले में पुलिस के अधिकारियों के साथ बात हो रही है। जल्द आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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