हैकरों ने फिर किया चौंकाने वाला कारनामा, मंत्री को झटका
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एप्पल के फिंगरप्रिंट स्कैनर के जरिए लोगों के फिंगरप्रिंट चोरी करने के बाद अब हैकरों का एक और चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है। हाल ही में एक एक्सपर्ट मे जर्मनी का रक्षा मंत्री की तस्वीर से फिंगरप्रिंट चुराकर लोगों को फिर हैरान कर दिया।
सिक्योरिटी रिसर्चर स्टारबग ने वेरीफिंगर नाम के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ये कारनामा किया है। स्टारबग का असली नाम जान क्रिसलर है और उसने हाल ही में जर्मनी में हुए एक सम्मेलन में इस बात का जिक्र किया है कि उसने ये हैकिंग कैसे की।
उसने बताया कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उसने मंत्री के अंगूठे की हाई रेजोल्यूशन वाली तस्वीर खींची थी। उसने अलग-अलग एंगल से यह तस्वीरें लीं।
ऐसे हासिल किए फिंगरप्रिट
डेली मेल के अनुसार, इन तस्वीरों के जरिए उसने सॉफ्टवेयर की मदद से सटीक फिंगरप्रिट बना डाले। यह सॉफ्टवेयर सुरक्षा सिस्टम को धोखा देने के लिए काफी है। जान ने बताया कि ये फिंगरप्रिंट बायोमीट्रिक मशीन और अन्य इलेक्टॉनिक मशीनों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
हैकरों ने पहले भी इस बात से लोगों को झटका दिया था कि किस तरह लोगों के स्मार्टफोन या किसी भी अन्य चमकदार चीज से फिंगरप्रिंट लिए जा सकते हैं।
जान ने बताया कि इस तरकीब के जरिए किसी भी तस्वीर से फिंगरप्रिंट हासिल किया जा सकता है। यहां कि सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाली तस्वीरों से भी इसे निकाला जा सकता है।
'सीक्रेट नहीं रहे फिंगरप्रिंट'
आईफोन से फिंगरप्रिंट चोरी की शिकायत मिलने के बाद एप्पल ने अपनी तकनीकी में खास बदलाव किए हैं। हाल ही में नए फोन की लॉन्चिंग के दौरान एप्पल ने बताया था कि अब इसके सेंसर ज्यादा सुरिक्षत हैं।
जान ने बताया कि इस सिस्टम के सामने आने के बाद अब शायद ही लोग फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल सिक्योरिटी पासवर्ड के तौर पर करें।
इस मामले को लेकर सुरक्षा एक्सपर्ट ग्राहम ने कहा कि अब लोगों को याद रखना चाहिए कि अब फिंगरप्रिंट सीक्रेट नहीं रहे। हमारे आसपास रहने वाले लोग उन्हें कहीं से भी उठा सकते हैं। इसलिए सेंसिटिव डाटा को बचाने के लिए फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए।