दुनिया में आने से पहले ही बच्चा चोरी, दंग करता मामला
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अमूमन डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता हैं, लेकिन एक अस्पताल के डॉक्टरों पर अपहरण और चोरी का आरोप लगा है। आरोप भी कोई ऐसा-वैसा नहीं, महिला के गर्भ से बच्चा चुराने की बात सामने आई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बच्चा चोरी का बदनुमा दाग मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिला अस्पताल पर लगा है।
तस्वीर में दिख रही महिला को बीते मंगलवार को दोपहर बाद प्रसव पीड़ा हुई तो उसे पास के सुहागपुर इलाके में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
आठ महीने की गर्भवती 23 वर्षीय भगवती की नाजुक हालत देख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे होशंगाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पीड़िता के पति राधेलाल के मुताबिक उसे बताया गया कि बच्चा का जन्म ऑपरेशन के जरिए होगा।
सरकारी एंबुलेंस (जनानी एक्सप्रेस) से पत्नी को लेकर राधेलाल जिला अस्पताल आ गया। राधेलाल के मुताबिक वो रात भर गाइनेकोलॉजी के बाहर बच्चे का मुंह देखने के लिए इंतजार करता रहा लेकिन भोर होते ही उस पता चला कि उसका बच्चा चुरा लिया गया है।
जिला कलेक्टर ने दिया जांच का आदेश
राधेलाल की मानें तो अस्पताल में वो कागजात भी जमा किए गए थे जो उसकी पत्नी की गर्भावस्था का सुबूत हैं।
राधे लाल के ने बताया कि डॉक्टर कह रहे हैं कि महिला ने बच्चा कहीं और गिरा दिया है, भला ये कैसे संभव हो सकता है?
अस्पताल के ही एक डॉक्टर रवि शर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि ये फैंटम प्रेग्नेंसी यानी काल्पनिक गर्भावस्था का केस हो सकता है। ऐसी अवस्था में भी गर्भ धारण करने जैसे लक्षण सामने आते हैं लेकिन असल में महिला गर्भ धारण नहीं करती है। हम महिला की गलतफहमी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद जिला कलेक्टर संकट भोमद्वे ने आदेश जारी किया है कि सूबे भर के सभी सरकारी अस्पतालों में जांच की जाए।
राधेलाल के मुताबिक गर्भवती होने के बाद उसकी पत्नी आंगनबाड़ी कर्मियों और नर्सों से उपचार कराती रही, उन्होंने कहा था कि गर्भ में बच्चे का विकास हो रहा है यहां तक की उसके दिल की धड़कने सुनाई देने लगी हैं।