गोल्ड मेडलिस्ट की सुसाइड डायरी, पति की धर्म में नहीं कोई रुचि
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आजमगढ़ में मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के लालमऊ गांव में एमए अर्थशास्त्र से गोल्ड मेडलिस्ट युवती ने पति के नमाज न पढ़ने, धर्म के प्रति रुचि न रखने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली।
वैसे इस मामले में युवती के भाई ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर युवती का लाश निकाली और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को कमरे से मिली डायरी में युवती ने आत्महत्या के कारणों का जिक्र किया है।
मेहनाजपुर के लालमऊ गांव के अफजल की शादी 11 अक्तूबर 2014 को वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र के रशूलपुर, बड़ी बाजार निवासी शमीमा (22) के साथ हुई थी। अफजल बिहार में प्राइमरी स्कूल में अध्यापक हैं।
पंखे पर लटकी मिली लाश
अर्थशास्त्र विषय से एमए करने वाली शमीमा गोल्ड मेडलिस्ट थी। शादी के बाद वह अपनी ससुराल में ससुर लेदा अंसारी, सास सकीला, ननद अफसाना और देवर अफजल के साथ रहती थी।
रविवार की सुबह घर के सभी लोग सोकर उठ गए, मगर शमीमा देर तक नहीं उठी तो घर वालों को शक हुआ। उन्होंने दरवाजा खुलवाया, मगर कोई आवाज न आने पर जब खिड़की से झांककर देखा गया तो अंदर शमीमा की लाश पंखे से लटक रही थी।
सूचना मिलने पर शमीमा का भाई फैजान सहित अन्य लोग वहां पहुंचे। जानकारी होने पर सीओ लालगंज, तहसीलदार लालगंज और एसओ मेहनाजपुर भी पहुंच गए। शमीमा ने अपना दुख एक डायरी में लिख रखा है।
डायरी में लिखा पति नहीं पढ़ते थे नमाज
एसओ मेहनाजपुर लल्लू सिंह ने बताया कि शमीमा के भाई सहित अन्य लोगों के समक्ष दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। शमीमा के भाई फैजान अहमद ने पति सहित परिवार के पांच लोगों के विरुद्ध दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
सीओ लालगंज नंदकुमार ओझा ने बताया कि शमीमा के कमरे से एक डायरी मिली है। उसमें उसने लिखा है कि उसके पति समय पर नमाज नहीं पढ़ते, धर्म के प्रति उनकी कोई रुचि नहीं है।
कई बार मैंने अपने स्तर से उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह मुझे डांट देते थे। पढ़ाई में अव्वल होने के बाद भी ससुराल में मेरी कोई इज्जत नहीं करता था। सीओ के मुताबिक डायरी में मौत के और भी कई कारण लिखे गए हैं।