मां को गोली मार किशोरी से गैंगरेप
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यूपी के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव में गैंगरेप पीड़ित एक किशोरी की मां को शनिवार गोली मारकर घायल कर दिया गया। गोली आखिर किसने मारी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। घायल महिला को उपचार के लिए अलीगढ़ भेजा गया है। पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। अभी तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव की एक किशोरी के पिता ने 22 जुलाई को थाने में तहरीर दी कि गांव के तीन युवक उसकी बेटी को बहला-फुसला कर अपहरण कर ले गए हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। रिपोर्ट में देवेश उर्फ देवा, आशीष और सोनपाल को नामजद किया गया।
उसके बाद पुलिस ने देवेश उर्फ देवा को गिरफ्तार कर 13 दिन बाद किशोरी को बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक तो जब किशोरी से विवेचनाधिकारी ने पूछताछ की तो उसका कहना था कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ गई थी। उसके बाद किशोरी को पुलिस ने उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पिता ने दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट
बाद में जब किशोरी के यहां न्यायालय में बयान कराए गए तो किशोरी ने यह बयान दिए कि उसका अपहरण किया गया था और इन तीनों के अलावा बहादुर नामक एक अन्य व्यक्ति ने उसके साथ कई दिनों तक हिमाचल प्रदेश में गैंगरेप किया।
कोर्ट में धारा 164 के तहत दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस ने धारा 363, 366 के साथ-साथ धारा 376 आदि भी जोड़ दी। किशोरी का डॉक्टरी परीक्षण भी कराया गया था। किशोरी के बयान कोर्ट में पुलिस ने पांच अगस्त को कराए थे। पुलिस तीन आरोपियों की तलाश में जुटी थी कि अब इस किशोरी की मां पर शनिवार को जानलेवा हमला कर दिया।
शनिवार की तड़के उसकी मां के किसी ने गोली मार दी। यह गोली उसके हाथ को चीरते हुए निकल गई। उसे लहूलुहान अवस्था में सिकंदराराऊ सीएचसी पर लाया गया। वहां से अलीगढ़ भेज दिया गया। उसका वहां इलाज चल रहा है। एसओ सिकंदराराऊ नित्यानंद सिंह का कहना है कि लड़की ने पुलिस को कुछ और बताया, जबकि कोर्ट में कुछ और बयान दिए। पुलिस पर लड़की के बयानों की वीडियोग्राफी है। उनका यह भी कहना है कि घायल महिला का कहना है कि उसने किसी को गोली मारते हुए नहीं देखा है।