प्रेमजाल में फांसकर किशोरी को 52 हजार में बेचा
वाराणसी के चोलापुर गांव से एक माह पहले बहला-फुसलाकर भगाई गई किशोरी को बुलंदशहर में बेचे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया है। पूछताछ में आरोपी ने किशोरी को बुलंदशहर के एक गांव में 52 हजार रुपये में बेचने की बात स्वीकार की है।
बुलंदशहर के रहने वाले मनोज कुमार की यहां एक गांव में रिश्तेदारी है। उसका यहां अक्सर आना-जाना होता था। इसी दौरान उसने आठवीं में पढ़ने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। बीते छह जनवरी को शादी का झांसा देकर वह किशोरी को बहला-फुसलाकर बुलंदशहर ले गया। वहां उसने उसे एक व्यक्ति के हाथों 52 हजार रुपये में बेच दिया।
पीड़ित किशोरी का आरोप है कि सौदा करने वाला व्यक्ति उसका शारीरिक शोषण करने लगा। विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई भी की गई। पीड़ित किशोरी के परिवार वालों ने इस मामले में 16 जनवरी को अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को बुधवार तड़के सुबह बुलंदशहर में गिरफ्तार कर लिया।
शुरुआती पूछताछ में उसने किशोरी को बेचने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर किशोरी को भी बरामद कर लिया। पुलिस टीम दोनों को साथ लेकर बुधवार देर शाम चोलापुर आई। यहां पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। साथ ही उसके बयान की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई है।
एसओ चोलापुर पवन उपाध्याय ने बताया कि अपहरण का केस दर्ज होने के बाद से पुलिस अपहर्ताओं की तलाश में जुटी थी। आरोपी को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर पीड़ित किशोरी का पता लगा लिया गया है। उसका मेडिकल कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आगरा किले पर चिल्लाई, 'मुझे बचाओ'
आगरा किले के पास बुधवार शाम करीब 7:30 बजे अचानक सनसनी फैल गई। ऐसा वहां तक एक टैक्सी में आई युवती के ‘बचाओ-बचाओ’ की गुहार से हुआ। भीड़ जुट गई। उसको दिल्ली से ले आने वाली महिला और उसके साथी युवक को पकड़ लिया। धुनाई कर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। टैक्सी चालक भाग निकला। युवती अपने अपहरण तो महिला-युवक उसके मर्जी से साथ आने का दावा कर रहे हैं।
दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास रहने वाली 19 वर्षीय मंजू (बदला नाम) दिल्ली पुरुष के पूर्व दरोगा की बेटी है। उसने पुलिस को बताया कि वह बुधवार शाम पांच बजे सहेली के घर से लौट रही थी। तभी उसे स्विफ्ट डिजायर टैक्सी सवार इसी महिला और युवक ने जबरन भीतर खींच लिया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दे चुप करा दिया। रास्ते में भी धमकाते रहे। आगरा किला के पास वे दोनों टैक्सी से उतरकर आटो करने लगे। तभी उसने टैक्सी चालक से मदद मांगी और शोर मचाया। भीड़ ने महिला व उसके साथी को पकड़ लिया। छात्र नेता बृजेश शर्मा और मनोज भी वहीं मौजूद थे। उन्होंने एसपी सिटी को जानकारी दी तो सीओ सदर असीम चौधरी पुलिस बल के साथ पहुंचे।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राजू और पिंकी निवासी नरीपुरा, शाहगंज बताया। पता चला कि दोनों देह व्यापार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि मंजू का सौदा 20 हजार रुपये में साइमा नाम की महिला से हुआ था। 11 हजार एडवांस दे वे मंजू को उसकी मर्जी से यहां लाए।
उधर, पुलिस ने मंजू के घरवालों से संपर्क किया तो पता चला उन्होंने दिल्ली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। वे आगरा आ रहे हैं। सीओ सदर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मानव तस्करी और देह व्यापार का लग रहा है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।