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जेल में यूं कटी इस कातिल हसीना की रात

Sat, 08 Mar 2014 11:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 08 Mar 2014 11:06 AM IST
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Girl, lover get death penalty for killing her 7 family members

सिर्फ सेक्स की भूख शांत करने के लिए अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार देने वाली सोनम और उसका प्रेमी फांसी की सजा पाकर जब रोहतक के सुनारिया जेल पहुंचे तो भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।

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जेल पहुंचने के बाद सोनम और नवीन हर रोज की तरह ही पेश आए। आलू और पत्ता गोभी की सब्जी के साथ सोनम ने चार तो नवीन ने तीन रोटी खाई।
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जेल के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दोनों के हावभाव से यह लग रहा है कि उन्हें अपील के बाद सजा कम होने की पूरी उम्मीद है। सोने से पहले दोनों ने अपनी-अपनी बैरक में बंद कैदियों के साथ गप्पे भी मारे।
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अदालत से फारिग होने के बाद दोनों साढ़े छह बजे जेल पहुंचे तो कुछ देर बाद वे नहाए। नहाने के थोड़ी देर बाद साढ़े आठ बजे दोनों को खाना दिया गया। खाने के बाद सोनम ने कुछ देर तक हवालातियों के साथ बातचीत की और साढ़े दस बजे सो गई।

सज-संवर कर आए थे अदालत

Girl, lover get death penalty for killing her 7 family members

अवैध संबंध बनाने के लिए परिवार के सात लोगों की निर्मम हत्या करने वाले सोनम और नवीन सजा-ए-मौत के फैसले के बाद भी शर्मशार नहीं हैं। अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद बृहस्पतिवार को फैसला सुनने पेशी पर आए सोनम और नवीन की नजरें कई बार आपस में टकराई।

हत्याकांड को लेकर सोनम व नवीन को कितना मलाल है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोनम व नवीन पेशी पर पूरी तरह सज-संवर कर आए थे।

सोनम ने गुलाबी रंग का सूट सलवार पहन रखा था और गुलाबी रंग का ही दुपट्टा और जूतियां। नवीन ने नीली जींस और काली शर्ट पहनी थी।

'इन्हें जीने का कोई अधिकार नहीं'

Girl, lover get death penalty for killing her 7 family members

कबूलपुर गांव निवासी सोनम ने 14 सितंबर 2009 की रात को अपने प्रेमी गांव निवासी नवीन के साथ मिलकर अपने मां-बाप, दादी, सगे भाई व तीन छोटे-छोटे चचेरे भाई बहनों की हत्या कर दी थी।

हत्या से पहले सोनम ने परिवार वालों के खाने में नशे की गोलियां मिला दी थीं और उनके गहरी नींद में सो जाने के बाद गला दबाकर सातों को मौत के घाट उतार दिया। साढ़े चार साल बाद 6 मार्च 2014 को सोनम व नवीन को फांसी की सजा सुनाई गई थी। वहीं, हत्याकांड में सहयोगी रहे नवीन के मामा के लड़के जसबीर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

'ऐसी घिनौनी वारदात के दोषियों को जीने का अधिकार नहीं'। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सिर्फ सेक्स की पूर्ति के लिए परिवार को मौत के घाट उतार देने वालों के लिए समाज में जीने का कोई अधिकार नहीं है। आठ से सोलह साल के मासूम बच्चों को भी मौत के घाट उतारा गया, जो उनके बीच शारीरिक संबंधों में बाधा भी नहीं थे।

...तो सोनम को करना पड़ेगा शिफ्ट

Girl, lover get death penalty for killing her 7 family members

जिला अदालत से मिली फांसी की सजा अगर हाईकोर्ट, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट और अंतत: राष्ट्रपति के पास दया याचिका के बाद भी कम नहीं होती है तो सोनम को यहां से शिफ्ट करना पड़ेगा।

सुनारिया जेल में फांसी की सजा पाई महिला को रखने के लिए अलग से सेल नहीं है। इसके लिए उसे हिसार या अंबाला जेल में शिफ्ट करना पड़ेगा। सोनम सुनारिया जेल में बंद पहली महिला है, जिसे फांसी की सजा दी गई हो।

वहीं सोनम और नवीन के वकील आर. के. सुहाग का कहना है कि हाईकोर्ट में अपील करने के लिए उनके पास 90 दिन का समय है, लेकिन वे 15 अप्रैल तक उच्च न्यायालय में अपील कर देंगे। सुहाग का कहना है कि मामले में कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि उच्च न्यायालय में सजा कम हो सकती है।

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