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मासूम पर ढाए अनगिनत जुल्म, दी दर्दनाक मौत

Tue, 20 Oct 2015 07:02 PM IST
Updated Tue, 20 Oct 2015 07:02 PM IST
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girl brutally killed by her brothers and sisters

वो भी तो कभी अपने आठ भाई बहनों के बीच हंसी खुशी से रही होगी? वो भी तो उस परिवार का अहम हिस्सा रही होगी, लेकिन फिर ऐसा क्या बदला जिसने उसके परिवार को ही उसका हत्यारा और उसके घर को ही उसकी कब्र बना दिया?

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इंग्लैंड के वॉर्डफोर्ड में रहने वाली 19 साल की बंग्लादेशी लड़की शाहेना उद्दीन के साथ जो उसके परिवार वालों ने किया वह कोई दुश्मन भी न करे। शाहेना के सातों भाई बहन उसे धमका कर रखते थे और मूत्र से भरी कटोरी चाटने पर मजबूर करते थे।
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डरी हुई लड़की अपने साथ हो रहे इस भयानक बरताव की शिकायत तक किसी से नहीं कर पाती था क्योंकि उसे लगता था कि भाइयों को पता चला तो उसका और बुरा हाल होगा।

इतना ही नहीं, खाने के नाम पर उसे अपना ही मल, कागज और न जाने कैसी कैसी चीजें खानी पड़ती थीं। शाहेना की गलती इतनी मामूली होती थी कि आप सोच भी नहीं सकते। जैसे कि आराम से खाना खाने के बजाए जल्दी जल्दी खाना खाने पर ऐसी सजा मिलती थी।

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भाई भाभियों की बर्बरता ने उतारा मौत के घाट

girl brutally killed by her brothers and sisters

सजा यहीं खत्म नहीं होती, उसे घर में टॉयलेट तक इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं थी और अगर वो गलती से सिंक का इस्तेमाल कर ले तो फिर सजा भुगतने के लिए तैयार रहे।

लेकिन इस लड़की के साथ हुई बर्बता ने घिनौनेपन की सारी हदें पार कर दीं जब पिछले साल अक्टूबर में उसे गले में उल्टी फंसने के कारण बाथरूम में मृत पाया गया।

कोर्ट में चल रही इस सुनवाई में पता चला कि जब इस लड़की का शरीर बरामद हुआ तो इसके सिर के दोनों तरफ हथियार से किए गए गहरे घाव के निशान भी थे।

परिवार वालों ने जब एंबुलेंस को घर बुलाया तो बड़ी सफाई से बहाना बना दिया कि तबियत खराब होने की वजह से वह बेहोश हो गई थी। उसके चार भाइयों, दो भाभियों और एक बहन ने उसके जख्मों को छिपाने की भी लाख कोशिशें की थीं।

शाहेना का केस लड़ रहे वकील साइमन ट्रिमर ने कोर्ट में बताया कि घरवालों ने शाहेना के खून और उल्टी के निशानों को साफ कर दिया था और खून से लथपथ उसके कपड़ों को बाहर कूड़ेदान में फेंक दिया था।

मार के खौफ से शिकायत भी नहीं करती थी लड़की

girl brutally killed by her brothers and sisters

35 सला के सुहेल उद्दीन और 32 की सलमा बेगम, जो 2010 में कानूनी रूप से शाहेना के अभिभावक बने थे, पर अब शाहेना के मर्डर का केस चल रहा है।

साथ ही उसके तीन भाईयों जुवैल, जुहाल, तोहेल, बहन रेहेना, भाभी लैला पर भी चार्ज लगे हैं जबकि यह सभी इस खून में शामिल होने की बात को नकार रहे हैं।

वकील का कहना है कि शाहेना एक मजबूर और सताई हुई लड़की थी जो सजा भुगतने के डर से किसी भी बाहरी से शिकायत करने का खतरा नहीं उठा सकती थी।

शाहैना ने अपने दोस्तों को बताया था कि उसे मारा पीटा जाता है लेकिन और मार खाने के डर से इन कहानियों को झूठा बताती थी।

जब दोस्तों ने उसकी तरफ से शिकायत करनी चाही तो शाहेना को लगा कि दोस्तों को बता कर उसने गलती की। शाहैना की एक बहन ने कोर्ट को बताया कि जब भी वे सही से खाना नहीं खाती थीं तो उन्हें जबरदस्ती ठूस ठूस कर चावल खिलाए जाते थे।

शाहेना ने भाग जाने की बात भी कही थी लेकिन अफसोस कि मौत ने पहले ही उसे अपने पास बुला लिया।

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