किशोरी ने लड़के का प्रस्ताव ठुकराया, भीड़ ने कहा रेप करो
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक किशोरी को अस्पताल के बिस्तर से बोर्ड परीक्षा का पेपर देना पड़ गया। सुबह के वक्त किशोरी कॉलेज के लिए निकली थी। धुपगुड़ी इलाके में कुछ महिलाओं और पुरुषों की भीड़ ने उसे रास्ते में ही रोक लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई करने लगे।
डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक किशोरी का जुर्म इतना था कि उसने एक लड़के का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इस बात पर भीड़ ने न सिर्फ उसे सरेआम पीटा बल्कि बीच सड़क पर उसके कपड़े उतारकर रेप करने का फरमान सुना दिया।
इसी दौरान पीड़िता की मां और भाई उसे बचाने पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनकी भी धुनाई कर दी।
दीदी के राज में महिलाएं असुरक्षित!
पुलिस के मुताबिक वारदात को बुधवार को अंजाम दिया गया। पीटे जाने से किशोरी बुरी तरह जख्मी हो गई। स्थानीय पंचायत सदस्य और सीपीआईएम के नेता निरेन रॉय ने किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया।
एक टीचर ने किशोरी की हिम्मत की दाद देते हुए कहा कि ऐसी जख्मी हालत में भी बोर्ड परीक्षा में का पेपर अस्पताल के बिस्तर से ही देने के लिए युवती का दृढ़संकल्प सराहनीय है।
पुलिस ने वारदात में मुख्य आरोपी अनुकूल मंडल को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं जलपाईगुड़ी के एसपी आकाश मेघारिया ने कहा इस मामले में पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू कर दी थी। बड़ा सवाल ये है कि दीदी ममता बनर्जी के सीएम होते हुए सूबे में महिलाएं सड़कों पर भी महफूज क्यों नहीं हैं?