गे बेटे के 'इलाज' के लिए मां ने किया बेटे का रेप
बेटे की समलैंगिकता ठीक करने के लिए एक मां की ओर से अपने बेटे का बलात्कार करने का मामला सामने आया है। खास बात यह भी है कि यह मामला किसी दूसरे देश का नहीं बल्कि अपने ही देश का है।
मेट्रो ऑनलाइल के अुनसार, एक गे किशोर को अपनी ही मां के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया ताकि उसकी समलैंगिकता ठीक हो जाए।
इस मामले पर एलजीबीटी और गे लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ने तेलंगाना के गे बच्चों के अभिभावकों को चेतावनी दी है कि समलैंगिकता ठीक करने के नाम पर वो अपने बच्चों का बलात्कार कर उनका शोषण न करें। उन्होंने कहा कि इस तरह का गे के साथ बलात्कार करना उनके खिलाफ मौजूद मानसिकता को दर्शाता है।
रिश्तेदारों, चचेरों से कराया जाता है रेप
ऐसा माना जा रहा है कि देश में लोग समलैंगिकता को ठीक करने के लिए चोरी छुपे अपने बच्चों का करीबी रिश्तेदारों और चचेरे भाई-बहनों से समलैंगिक का बलात्कार कराया जाता है। ऐसा लोग किसी झोला छाप डॉक्टर या अपने रिश्तेदारों की सलाह पर करते हैं।
इस मां का अपने गे बेटे का बलात्कार करने का मामला भी कुछ ऐसा ही है। बताया जा रहा है कि पीड़ित गे को उसकी मां के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।
वहीं गे अधिकारों की आवाज उठाने वाले संगठन ने दावा किया है कि उनके पास करीब 15 मामलों के बारे में जानकारी है जिसमें गे की समलैंगिकता ठीक कराने के लिए उनका बलात्कार कराया गया है। उन्होंने कहा कि शर्म और डर की वजह से बहुत से समलैंगिक अपने साथ हुए अत्याचारों के बारे में जुबान भी नहीं खोलते।
बचपन में विवाह तय हुआ और बच्ची समलैंगिक निकली तो..
समलैंगिक अधिकारों की वकालत करने वाले विजयंती मोगली ने कहना है कि दक्षिण भारत में अभी भी बचपन में विवाह तय करने का रिवाज है और ऐसे में लड़की या लड़का बड़ा होने के बाद समलैंगिक निकला तो उनकी शादी का क्या होगा?
उन्होंने मीडिया को बताया कि आमतौर पर समलैंगिकता ठीक करने के पीड़ित के चचेरे भाई या बहन से बलात्कार कराया जाता है।
गौरतलब है कि भारत में समलैंगिक शारीरिक संबंध या गे सेक्स कानून जुर्म और इसके लिए 10 साल तक की कैद हो सकती है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में अपना फैसला सुनाया था तब से गे सेक्स भारत में एक अपराध घोषित है।