इस गैंगस्टर से परेशान है कई राज्यों की पुलिस
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बने राहुल खट्टा पर कई प्रदेशों का मिलाकर ढाई लाख रुपये इनाम घोषित हो गया है। खट्टा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान के गृह जिले में कोतवाली रामपुर और शाहबाद में भी लूट और डकैती की वारदात कर चुका है। पुलिस के रिकार्ड में राहुल खट्टा के खिलाफ सभी 32 मुकदमे संगीन धाराओं में दर्ज हैं।
गांव खट्टा प्रह्लादपुर थाना चांदीनगर बागपत निवासी राहुल ने चार साल पहले जानलेवा हमले के केस से जरायम में कदम रखा था। 2010 में गुंडा एक्ट लगा। आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और 110 जी यानी गुंडा अधिनियम में भी कार्रवाई हुई। इन सभी मामलों में वह दोष मुक्त हो गया। लेकिन इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अपडेट नहीं है रिकॉर्ड
खट्टा के पीछे पड़ने का दावा करने वाली पुलिस के पास उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी अपडेट नहीं है। उस पर हत्या, लूट, डकैती और अपहरण की धाराओं में बागपत में 17, मेरठ में 3, रामपुर (यूपी) में 2, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में 1-1 और हापुड़ में दो मुकदमों सहित कुल 32 मुकदमे दर्ज बताए गए। लेकिन अभी इसमें हरियाणा और उत्तराखंड के मुकदमों का जिक्र नहीं है। बुधवार को दूसरे प्रदेशों के मुकदमों को खोजा जा रहा था।
चार राज्यों का है गुनहगार
राहुल खट्टा पर मेरठ से 50 हजार, दिल्ली से 50 हजार और हरियाणा व उत्तराखंड से 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित होना बताया गया। पुलिस अफसरों के अनुसार यूपी शासन से खट्टा पर एक लाख का इनाम और बढ़ाने की संस्तुति की गई है, जो स्वीकार हो गई है। शार्प शूटर सुकरम पाल निवासी बागपत पर भी उत्तर प्रदेश से दो लाख का इनाम है। अन्य प्रदेशों का रिकार्ड पुलिस के पास है नहीं।
अक्खेपुर की ही मिली थी सूचना
गाजियाबाद के भट्ठा मालिक नवीन कंसल के अपहरण की सूचना जब आला अफसरों को लगी तो सभी टीमें एक्टिव हो गई थीं। पुलिस की मानें तो सर्विलांस में भी बदमाशों की लोकेशन हापुड़ से थाना सरधना के गांव अक्खेपुर की सामने आई थी। आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी रेंज रमित शर्मा और उनके पीआरओ अशोक शर्मा के अलावा एसएसपी ओंकार सिंह ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली थी।
डीआईजी से मिले परिजन
नवीन कंसल और उनके परिजनों ने बुधवार को डीआईजी ऑफिस पहुंचकर डीआईजी रमित शर्मा से मुलाकात की और सफल ऑपरेशन के लिए आभार जताया। डीआईजी ने बताया कि राहुल खट्टा को पकड़ने के लिए रेंज के मेरठ, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद को अलर्ट कर दिया गया है। रेंज स्तर पर हेल्पलाइन भी शुरू कराई जा रही है। इसमें लोग खट्टा या अन्य बदमाशों के संबंध में सूचना दे सकते हैं। रेंज के सभी जिलों की क्राइम ब्रांच से रिजल्ट मांगा गया है।
पुलिस की ढिलाई से बच रहा राहुल खट्टा
एक के बाद एक वारदात पर वारदात किए जा रहे मोस्ट वांटेड अपराधी राहुल खट्टा की तलाश में अब पांच जनपदों में एक-एक स्पेशल टीम और लगा दी गई है। एसटीएफ को पहले ही इस ईनामी का टारगेट दिया जा चुका है। मेरठ जोन के हर जनपद की क्राइम ब्रांच भी ऑपरेशन राहुल में लगी है। लेकिन यह सारी कसरत कागजी लग रही है, क्योंकि अगर पुलिस के दावे में दम होता तो राहुल लगातार इतनी वारदात कर नहीं पाता। हैरानी की बात तो यह है कि वह महीने में कम से कम सात दिन अपने गांव खट्टा प्रहलादपुर में ही रहता है। इसके बावजूद उसका न पकड़ा जाना पुलिस की ढिलाई के सिवाय और क्या कहा जा सकता है?
वह जब भी कोई बड़ी वारदात कर सनसनी फैला देता है, तभी पुलिस अधिकारी उसकी तलाश में रात दिन एक कर देने की बात करने लगते हैं। अब गाजियाबाद से भट्टा व्यवसायी नवीन कंसल के अपहरण के बाद भी यही हो रहा है। उन्हें मंगलवार को सरधना से मुक्त कराया गया। इसके बाद आईजी जोन आलोक शर्मा के निर्देश पर बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ में एक एक स्पेशल टीम गठित की गई है। हर टीम में दो सीओ, चार दारोगा और 10 कांस्टेबल रखे गए हैं। यह टीम राहुल की तलाश के सिवाय कुछ और काम नहीं करेगी। इससे पहले जब राहुल ने बागपत से भट्टा व्यवसायी प्रवीन मित्तल का अपहरण किया, तब भी पुलिस ने बागपत में स्पेशल टीम गठित की थी। इसके बाद उसने जब चार भट्टों पर फायर कर 10-10 लाख की रंगदारी मांगी, तो उसके गांव खट्टा प्रहलादपुर में पांच दिन तक पुलिस की टीम डेरा डाले रही।
थोड़ा पीछे चलें तो उसने ही पिलखुवा से फरीदाबाद के स्क्रैप व्यापारी ऋषि रमन जैन का अपहरण किया था। उन्हें एसटीएफ ने राहुल से मुठभेड़ के बाद मुक्त कराने का दावा किया था। तब चार दिन तक एसटीएफ ने राहुल की तलाश में रात दिन एक किया था। हर बार यही हुआ है। जैसे ही मामला ठंडा पड़ता है, पुलिस राहुल की तलाश करना भूल जाती है। अब देखना यह है कि नई टीमें कितने दिन तक दौड़ती हैं।
वह अपने गांव में लगातार आ रहा है लेकिन यहां उसकी ठीक से घेराबंदी नहीं हो पा रही। चार दिन पहले ही वह गांव वालों को अपनी बुलेटप्रुफ जैकेट दिखाकर गया था। वह अपने गांव में ही पुलिस सुरक्षा में पूर्व प्रधान महेंद्र की हत्या कर गया था। तब पुलिसवालों ने उसे पकड़ने की कोशिश भी नहीं की थी।
प्रेमिका को भी नहीं पकड़ पाई पुलिस
भट्टा व्यवसायी प्रवीन मित्तल के अपहरण की साजिश में राहुल खट्टा की प्रेमिका भी आरोपी है। उसके खिलाफ खेकड़ा थाना में केस दर्ज है। वह भी खट्टा प्रहलादपुर गांव की रहने वाली है। पुलिस उसकी तलाश में है लेकिन उसका भी पता नहीं चल पा रहा। एसपी जितेंद्र शाही ने बताया कि आईजी के निर्देश पर राहुल खट्टा की तलाश में स्पेशल टीम गठित कर दी गई है। टीम उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी रहेगी।