बेहद दर्दनाक है इस गैंगरेप पीड़िता की कहानी, पढ़िए
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पांच दिन पहले वहशियों की हवस का शिकार हुई महिला से उसके अपनों ने भी किनारा कर लिया है। सऊदी अरब से उसके शौहर ने फोन कर उसे तलाक दे दिया। महिला के ढाई साल के बेटे को भी ससुराल वालों ने छीनकर उसे घर से निकाल दिया। मायके वाले उसे अपने साथ ले गए।
उधर, हैवानियत का शिकार हुई महिला को कानून के रखवालों ने भी दगा देते हुए पांच दिन बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं की है, जिसके चलते वह अफसरों के चक्कर काटने को विवश हैं।
चरथावल थाना क्षेत्र के गांव निवासी महिला की शादी करीब पांच साल पहले शाहपुर के गांव निवासी युवक से हुई थी। उसे ढाई साल का एक बेटा भी है। करीब दो साल पहले उसका शौहर नौकरी करने के लिए सऊदी अरब चला गया। पीड़िता के मुताबिक पांच दिन पहले वह अपने घर में बेटे के साथ सोई थी।
देर रात गांव के ही चार युवक दीवार फांदकर घर में घुस आए। बेटे की हत्या की धमकी देकर महिला से गैंगरेप किया। पीड़िता ने अगले दिन ससुराल वालों को घटना की जानकारी देने के साथ ही शाहपुर थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसे टरकाकर भगा दिया।
ससुराल वालों ने भी बेटा छीनकर घर से निकाला
इसके बाद पीड़िता पुलिस ऑफिस पहुंचकर एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह से भी मिली, जिन्होंने उसे महिला थाने भेजते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था। आरोप है कि महिला थाना पुलिस ने भी पीड़िता को इंसाफ नहीं दिला सकी। दो दिन पहले सऊदी अरब में उसके शौहर को पत्नी ने फोन पर आपबीती सुनाई।
इस पर शौहर ने महिला को फोन पर ही तलाक दे दिया। सूत्रों के मुताबिक तलाक के बाद मेहर की धनराशि दो लाख रुपये देने के लिए महिला को दो माह का समय देते हुए ससुराल वालों ने उससे मासूम बेटे को छीनकर घर से निकाल दिया। जानकारी मिलने पर महिला को उसके मायके वाले अपने साथ ले गए।
इस मामले में ग्राम प्रधान दिलशाद का कहना है कि गांव से बाहर होने के कारण उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन महिला को तलाक दिए जाने की सूचना मिली थी। वहीं, इंस्पेक्टर एके गौतम का दावा है कि उनसे न तो किसी ने शिकायत की है और न ही इस बाबत कोई तहरीर उन्हें दी गई है।