दरिंदगी: गैंगरेप कर कूल्हों पर ठोकी कील
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एक महिला से गैंगरेप और उसके बाद पति समेत महिला को नंगा कर सरेआम पिटाई करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यही नहीं अपराधियों ने दरिंदगी की हद पार करते हुए महिला के शरीर में कील ठोकने जैसे नृशंस कृत्य को अंजाम दिया।
घायल महिला को पीजीआई अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि घटना के चार दिन बाद भी उसके पति के शरीर पर चोट के निशान स्पष्ट हैं।
मामला हरियाणा के रोहतक का है। यहां कलानौर क्षेत्र के एक गांव की महिला को बंधक बनाकर शरीर पर कील ठोकने के मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से नाराज ग्रामीण डी पार्क स्थित सीएम हाउस पहुंच गए। सीएम के नहीं मिलने से डीएसपी अनिल कुमार ने उनकी शिकायतें सुनीं। ग्रामीणों ने महिला के आरोपों को निराधार बताया।
बयान लेने की बजाय फोन कर रही पुलिस
इस पर डीएसपी ने उन्हें उचित एवं निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, पीजीआई में उपचाराधीन महिला ने पुलिस पर दुराचार मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
पीजीआई में उपचाराधीन कलानौर के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि लगभग चार माह पहले गांव के ही दो युवकों ने उसके साथ दुराचार किया था। यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
इस मामले में समझौता करने को लेकर रोहताश, फूल कुमार, सीता व सीमा 23 जुलाई की रात को उसे तथा उसके पति को घर से उठाकर अपने घर ले गए। वहां उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।
जब नहीं माने तो दोनों को खूब पीटा। फूल कुमार व रोहताश ने उसे बंधक बना लिया और उसके शरीर पर कई जगह कील ठोक दी। जाति सूचक गालियां देने के साथ शिकायत वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
छह दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़िता ने बताया कि 23 जुलाई को मारपीट के बाद उसने पुलिस को तुरंत शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने तब कार्रवाई नहीं की। महिला के पति ने आरोप लगाया कि मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने 28 जुलाई को केस दर्ज किया है।
उन्होंने पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। महिला से दुराचार के मामले में डीएसपी अनिल यादव ने कहा कि महिला की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज किया था।
सच जानने को आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया था। लेकिन आरोप सिद्ध नहीं होने से मुकदमा रद्द कर दिया था। मामले की जांच के लिए विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी की ड्यूटी लगाई है। महिला ने शुरू में अपने पति पर दुराचार कराने का आरोप लगाया था, लेकिन बाद में बयान बदल दिया था।