इलाहाबाद से अगवा कर राजस्थान में किया गैंगरेप!
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इलाहाबाद में यमुनापार के मेजा इलाके से दो युवकों ने बीए की एक छात्रा को अगवा करने के बाद करीब 18 दिन तक राजस्थान में बंधक बनाकर गैंगरेप किया।
किसी तरह छात्रा उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंची तो खोजबीन में भटक रहे परिजन उसकी आपबीती सुनकर सन्न रह गए। सोमवार को मेजा थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण और रेप का मुकदमा लिखा। पीड़ित छात्रा को मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया गया है।
मेजा इलाके की एक युवती सिरसा स्थित कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है। 17 नवंबर को वह कॉलेज के लिए घर से निकलने के बाद से लापता थी। परिवार के लोग तलाश में जुटे रहे मगर छात्रा का पता नहीं चल सका। रविवार रात छात्रा खुद रोते-बिलखते घर पहुंची।
'बंद कमरे में रोज करते थे बलात्कार'
उसने बताया कि वह 17 नवंबर को कॉलेज जा रही थी तभी रास्ते में बजहा गांव के जीतेंद्र पटेल और करछना घनपुरवा के उमाशंकर उर्फ किनाई ने उसे रोका और बेहोशी की दवा सुंघाकर उसे जीप में खींच लिया। वे दोनों उसे राजस्थान ले गए। वहां एक कमरे में बंदकर दोनों उसके साथ रोज बलात्कार करते रहे।
वे दोनों कहीं जाते तो उसे कमरे में बंदकर जाते इसलिए वह भाग नहीं पा रही थी। शुक्रवार को मौका पाकर वह कमरे से निकली और किसी तरह इलाहाबाद आ गई।
छात्रा को लेकर परिजन मेजा थाने पहुंचे तो पुलिस ने तहरीर लेकर अपहरण, बंधक बनाकर रेप का नामजद केस लिखा। सीओ मेजा राजवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। पीड़ित को मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया गया है।
प्रतापगढ़: कॉलेज से लौट रही छात्रा से गैंगरेप
यूपी के प्रतापगढ़ में कॉलेज से अंकपत्र लेकर साइकिल से घर लौट रही एक छात्रा को अरहर के खेत में घसीटकर तीन युवकों ने दुष्कर्म किया।
पीड़िता की प्रताड़ना यहीं नहीं खत्म हुई, रिपोर्ट दर्ज करने के लिए छात्रा को प्रतापगढ़ व सुल्तानपुर जनपद पुलिस ने खूब दौड़ाया। सोमवार शाम दोनों जिलों की पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन देर शाम तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी।
जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ का कोहंडौर थाना और सुल्तानपुर का लंभुआ थाना दोनों जिलों की सीमा की रखवाली करता है। मदाफरपुर बाजार के निकट एक गांव (सुल्तानपुर) की छात्रा संजयगांधी पीजी कालेज चौकिया (सुल्तानपुर) में बीए की छात्रा है। वह साइकिल से कॉलेज जाती थी।
5 दिसंबर को वह अंकपत्र लेकर कालेज से लौट रही थी। अपरान्ह में गोथुआ (सुल्तानपुर) और सराय रजई (प्रतापगढ़) की सीमा पर बाइक सवार तीन युवकों ने उसे रोक लिया। युवक उसे अरहर के एक खेत में घसीट ले गए और तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
ये है यूपी पुलिस का असली चेहरा!
छात्रा ने घर जाकर घटना की जानकारी दी तो परिजन पहले सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाना क्षेत्र की शंभूगंज पुलिस चौकी पहुंचे। वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे लंभुआ थाने पहुंचे। थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल प्रतापगढ़ बताकर उन्हें वापस कर दिया।
तीन दिनों तक छात्रा, उसके परिजन कोहंडौर और लंभुआ का चक्कर लगाते रहे लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। सोमवार शाम सुल्तानपुर के एक नेता ने हस्तक्षेप किया तो दोनों जिलों की पुलिस हरकत में आई।
एसओ लंभुआ पीके सिंह और एसओ कोहंडौर पीएन आजाद शाम को मौके पर पहुंचे। इसके बाद भी वे घटनास्थल का थाना क्षेत्र तय नहीं कर सके और घटना की एफआईआर नहीं लिखी जा सकी।
सीओ लंभुआ, सुल्तानपुर मानसिंह गौड़ ने कहा कि छात्रा का घर और उसका कालेज दोनों हमारे क्षेत्र में हैं लेकिन उसके साथ घटना प्रतापगढ़ के कोहंडौर थाने क्षेत्र में हुई है। हमने घटनास्थल देख लिया है। उसकी एफआईआर कोहंडौर प्रतापगढ़ में ही लिखी जानी चाहिए।
एसओ कोहंडौर प्रतापगढ़ पीएन आजाद ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। छात्रा सुल्तानपुर की रहने वाली है और उसके साथ घटना भी उसी क्षेत्र में हुई है। पीड़िता पहले सुल्तानपुर ही गई थी लेकिन वहां के पुलिस वाले घटना उनके क्षेत्र में धकेल रहे हैं।