स्कूल से लौट रही 8वीं की छात्रा को अगवा कर गैंगरेप
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स्कूल में आजादी का जश्न मनाकर घर लौट रही तेरह साल की एक दलित छात्रा के साथ गैंगरेप की दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। पंद्रह अगस्त की दोपहर आठवीं की इस छात्रा को रास्ते से गांव के ही तीन युवकों ने अगवा कर लिया और ईख के खेत में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
छात्रा के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ खोजबीन की तो छात्रा बेहोशी की हालत में ईख के खेत में नग्न अवस्था में पड़ी मिली। पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, जिनमें दो सगे भाई है। घटना से पूरे इलाके में रोष है। घटना छजलैट थाना क्षेत्र के एक गांव की है।
आठवीं की एक तेरह वर्षीय दलित छात्रा स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव के बाहर स्थित अपने स्कूल गई थी। दोपहर में स्कूल से घर लौटते वक्त रास्ते से उसे गांव के ही सोनू जाट पुत्र मुन्ना, उसके बड़े भाई नीशू व गांव के ही महेश पुत्र नौबत ने अगवा कर लिया।
छात्रा का परिवार भयभीत
आरोपी छात्रा को उठाकर ईख के खेत में ले गए और वहां उसके साथ बलात्कार किया। आरोपियों की हैवानियत से छात्रा बेहोश हो गई। इस बीच उधर से गुजरते एक ग्रामीण ने आरोपियों को छात्रा को ईख के खेत में ले जाते देख लिया था। छात्रा जब काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजन उसकी तलाश में निकले।
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण के बताए जाने पर परिजनों ने ईख के खेत में जाकर देखा तो छात्रा बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। परिवार वाले छात्रा को उठाकर थाने लाए। पुलिस को सारी बात बताई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं छात्रा को जिला अस्पताल ले जाकर चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। छात्रा का परिवार भयभीत है। उसके पिता ने कहा कि आरोपी दंबग किस्म के लोग हैं। पहले भी वारदातों को अंजाम देते रहे हैं।
नाबालिग दलित छात्रा से सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने एक भी अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जिससे पीड़ित परिवार सदमे में है और ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस का रवैया शुरू से इस मामले में शर्मनाक है। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करने में भी वक्त लगाया और इस बीच आरोपियों को भाग जाने का पूरा मौका दिया। पुलिस चाहती तो तुरंत एक्शन लेकर आरोपियों को पकड़ सकती थी लेकिन छजलैट पुलिस शुरू में घटना को झुठलाती रही।
'मेरी मासूम बेटी की जिंदगी खराब कर दी'
गैंगरेप के आरोपी नीशू और सोनू का तीसरा भाई राहुल पिछले करीब डेढ़ साल से जेल में है। उसने गांव के ही राजेंद्र सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह पर जानलेवा हमला करते हुए गोली मार दी थी। तभी से वह जेल में है।
कक्षा आठ की दलित छात्रा से गैंगरेप का आरोपी नीशू (25) विवाहित है। सोनू की उम्र करीब 19 वर्ष तो तीसरे महेश की उम्र करीब 21 वर्ष है। फिलहाल तीनों गायब हैं।
छात्रा के माता-पिता ने कहा कि मेरी मासूम बेटी की जिंदगी खराब कर दी। अब उसका भविष्य क्या होगा। यही सोचकर कलेजा मुंह को आ जाता है। यदि पुलिस ने उन्हें न्याय नहीं दिलाया तो वह कुछ भी कदम उठा सकते हैं। अब बेटी को न्याय दिलाना ही उनकी जिंदगी का मकसद होगा।
प्रबल प्रताप सिंह, एसपी देहात ने कहा कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अभियुक्त फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।