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यूपी: बस्ती में महिला से गैंगरेप, चाकू मारकर सड़क पर फेंका

Wed, 16 Sep 2015 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला,बस्ती Updated Wed, 16 Sep 2015 01:46 PM IST
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gangrape of women in basti uttar pradesh

पति से झगड़ा करके घर से निकली एक महिला हाइवे पर दरिंदों की हवस का शिकार हो गई। सोमवार की रात वो उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में तिलकपुर के पास खड़ी इस महिला को एक ट्रक ड्राइवर और खलासी ने जबर्दस्ती उठाकर ट्रक में बैठा लिया और उसके साथ रेप किया।

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महिला के विरोध करने पर उसे चाकू मार दिया और सड़क के किनारे फेंककर भाग गए। रात को करीब सवा बारह बजे पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने उसकी हालत नाजुक देखकर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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महिला नगर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली हैं। बताते हैं कि सोमवार की रात को किसी बात पर उनका अपने पति से झगड़ा हो गया। इससे नाराज होकर अपने पति के सो जाने के बाद वह घर में रखे तीन हजार रुपये, बैंक की पासबुक और कुछ सामान लेकर चुपके से घर से निकल पड़ी।

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चाकू से किया घायल

gangrape of women in basti uttar pradesh

हाईवे पर जैसे ही वह तिलकपुर गांव के करीब पहुंचीं, एक ट्रक उनके पास आकर रुका। वह कुछ समझ पातीं, इसके पहले ही ड्राइवर और खलासी ने उन्हें खींचकर ट्रक में बैठा लिया।

दोनों ने महिला के साथ दुष्कर्म किया और प्रतिरोध करने पर चाकू मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। उनके चेहरे और पेट के नीचे चाकू लगा है।

इसके बाद दोनों ने महिला को सड़क के किनारे फेंक दिया। रात में करीब 12 बजे किसी राहगीर ने फुटहिया चौकी पर घायल महिला के बारे में खबर दी।

बारह घंटों के बाद मिल पाई एम्बुलेंस

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मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें लेकर जिला अस्पताल गई। डॉक्टर ने उन्हें गोरखपुर ले जाने के लिए कहा। एसओ ओंकार सहाय ने बताया कि पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर ट्रक चालक और खलासी के विरुद्ध रेप और प्राणघातक हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पीड़ित महिला को गोरखपुर ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इंतजाम होने में बारह घंटे लग गए। रात में डॉक्टर के रेफर कर देने के बाद सुबह पौने पांच बजे आई सरकारी एम्बुलेंस महिला को मेडिकल कॉलेज लाने के बजाय शहर के ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल में छोड़कर चली गई।

जहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया। तमाम कोशिशों के बाद भी घंटों तक न तो 102 नम्बर और न ही 108 नम्बर की एम्बुलेंस का इंतजाम हो पाया।

दोपहर पौने बारह बजे उन्हें 102 नम्बर की एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां रात को डॉक्टर उनके ऑपरेशन की तैयारी में थे।

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