यूपी में कहीं चिंगारी न बन जाए ‘गैंगरेप’
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आबरू से खिलवाड़ की बढ़ती वारदातें कानून व्यवस्था के लिए शोला बन सकती हैं। शाहपुर में शुक्रवार को गैंगरेप के मामले में बवाल ने ऐसे ही खतरे का संकेत दिया है। एक दिन पहले कोतवाली के एक गांव में 75 साल की महिला से दुष्कर्म की कोशिश की गई। मासूमों के साथ अब अधेड़ महिलाएं भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं।
छेड़छाड़ की वारदात ही कवाल में बवाल की वजह बनी थी। बेटियों की सुरक्षा को लेकर तमाम कवायद फेल हो गई हैं। दो दिन पहले शाहपुर में बसी रोड पर कब्रिस्तान में हुई घटना ने शर्मसार कर दिया है।
मानसिक विकृति कहें या कुछ और, दुराचारियों ने शारीरिक रूप से कमजोर विधवा महिला से गैंगरेप किया। पीड़िता सात बच्चों की मां है। पति की मौत के बाद अवसाद झेल चुकी है। कठिनाइयों के बीच गैंगरेप ने महिला को झकझोर दिया है।
बेटियों की सुरक्षा को लेकर तमाम कवायद फेल
पीड़िता की मानें तो दुष्कर्म में सात से आठ लोग शामिल रहे हैं। एक चौकीदार ने पूरे वाकये को देखा। उसका कहना है कि पीड़ित महिला देर रात बागपत से अपने मायके लौट रही थी। तभी उसे आरोपियों ने अपना शिकार बना लिया।
चौकीदार की इत्तला पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले गई। पुलिस ने वही ढर्रा अपनाया और महिला को मानसिक बीमार बताकर मामला रफा-दफा कर दिया। हद तो तब हो गई, जब पुलिस ने इज्जत का हवाला देकर पीड़ित परिजनों के हाथ में कुछ रुपये थमा दिए।
गैंगरेप की सुगबुगाहट फैली तो शुक्रवार को शाहपुर में बवाल हो गया। एसएसपी एचएन सिंह को भी लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। दंगे के बाद से दोनों समुदाय पहले ही तनाव में हैं। ऐसे में गैंगरेप की वारदात ने चिंगारी का काम कर दिया।
थानेदार समेत छह पुलिसकर्मी सस्पेंड
थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में दुराचारी दूसरे समुदाय के बताए गए हैं। इसी वजह से गुस्सा भड़का और ग्रामीणों ने अफसरों को घेर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम कौशलराज शर्मा को खुद शाहपुर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
बाद में कमिश्नर तनवीर जफर और डीआईजी रघुबीर लाल भी पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंचे और अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद ही देर रात सीओ शैलेंद्र लाल को लाइन हाजिर करने के साथ ही थानेदार हिंदवीर सिंह समेत छह पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
वहीं, गैंगरेप के मामले में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी थाने पर धरना देकर विरोध जताया। ग्रामीणों की मौजूदगी में टिकैत ने कहा कि अधेड़ महिला से गैंगरेप की वारदात शर्मनाक है। दुराचारियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है।
दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
उधर, पीड़िता के गांव में आक्रोशित भीड़ को समझाने के लिए डीएम कौशलराज शर्मा ने मोर्चा संभाला। कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के पिता डॉ सुरेंद्र पाल सिंह, उमेश मलिक आदि की मौजूदगी में डीएम ने कहा कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
देहात से जुड़े सड़क मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त की जाएगी, खासकर दंगा प्रभावित गांवों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है। शाहपुर गैंगरेप पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी अभी उलझी हुई है।
जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ मृदुला अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता सात बच्चों की मां है। केवल मेडिकल के आधार पर इस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता कि रेप हुआ या नहीं। जांच के लिए सैंपल लिया गया है, पैथोलोजी की रिपोर्ट के बाद ही सत्यता सामने आएगी। उधर, डीआईजी रघुबीर लाल ने कहा कि स्लाइड की जांच रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।