यूपी: इस हैवानियत पर कराह उठेंगे आप
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यूपी में बेटियों के खिलाफ हैवानियत की एक के बाद एक घटनाओं से ऐसा लग रहा है जैसे वहां महिला अब पूरी तरह असुरक्षित है। एक के बाद एक नयी वारदात सामने आ रही है और सरकार बेबस होकर तमाशा देख रही है।
ताजा घटना इलाहाबाद के बहरिया की है। यहा गंगापार इलाके में मंगलवार सुबह आठ साल की एक बालिका को सुनसान में खींचकर दो युवकों ने दरिंदगी कर डाली।
लगातार ब्लीडिंग से बालिका की हालत बिगड़ गई थी लेकिन बहरिया के थानेदार ने भी संवेदनहीनता की हद पार कर दी। आरोप है कि शिकायत पर फौरन कार्रवाई की बजाय घटना को छिपाने के इरादे से बालिका को उसके मां-बाप के साथ आठ घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया।
चीखी तो मुंह में कपड़ा ठूंसा, हैवानियत से बिगड़ी हालत
रात में बालिका की दशा बेहद खराब हुई तो उसे स्वास्थ्य केंद्र भेजकर रेप करने वाले दो युवकों और परिजनों को धमकाने के आरोप में प्रधान समेत दो पर केस लिखा गया।
आठ साल की यह बच्ची सुबह करीब दस बजे घर के बाहर खड़ी थी तभी गांव के करीब 18 वर्षीय दो युवक उसे स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में खींच ले गए। आरोप है कि वहां उन दोनों ने मासूम के साथ हैवानियत की।
चीखने पर उसके मुंह में फ्रॉक ठूंस दी। रेप से बालिका को ब्लीडिंग होने लगी तो दोनों युवक उसे छोड़कर भाग गए। कुछ देर बाद बालिका का पिता वहां से मकान निर्माण के लिए बल्ली-पटरे लेकर गुजरा तो बेटी को रोते तथा दर्द से तड़पते देख सन्न रह गया।
थानेदार ने आठ घंटे तक मां-बाप संग बैठा रखा थाने में
बच्ची को लेकर माता-पिता थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर अब्दुल सत्तार को घटना की जानकारी दी। बच्ची ने पुलिस को दोनों युवकों के नाम बताए।
आरोप है कि पुलिस ने फौरन बच्ची को अस्पताल पहुंचाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की बजाय सुलह-समझौता कराकर घटना को छिपाने की कोशिश शुरू कर दी।
ग्यारह बजे से रात करीब साढ़े सात बजे तक पुलिस ने दर्द से कराहती बालिका को मां-बाप के साथ थाने में बैठाए रखा।
लगातार ब्लीडिंग की वजह से बच्ची बेसुध हुई तो पुलिसवाले घबरा गए। बालिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पुलिस ने दर्द से कराहती बालिका को थाने में बैठाया
फिर उसके पिता से अर्जी लेकर दोनों युवकों पर बलात्कार तथा ग्राम प्रधान समेत दो लोगों के खिलाफ परिजनों को धमकाने का केस दर्ज किया।
पुलिस की मनमानी का आलम यह कि देर रात तक प्रभारी एसएसपी (एसपी क्राइम) अरुण पांडेय को भी घटना की सही जानकारी नहीं दी।
जब उनको पता चला तो उन्होंने एसपी गंगापार शफीक अहमद और सीओ फूलपुर अलका धर्मराज को मौके पर भेजा। दोनों अफसर घटना स्थल पर पहुंचे और पीड़िता के परिजनों से पूछताछ की।