बलिया: अगवा कर दलित छात्रा से गैंगरेप
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यूपी में बलिया के उभांव थाना क्षेत्र के एक गांव में स्कूल जाते समय 11वीं की दलित छात्रा को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर ग्रामीण सवालिया निशान लगा रहे हैं।
ग्रामीणों की माने तो पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते मुकदमा दर्ज करने की जगह टालमटोल कर रही है। उधर पुलिस का कहना है कि किशोरी और उसकी मां ही कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
शनिवार की सुबह न्याय के लिए ग्रामीणों के साथ उभांव थाने पहुंची दलित किशोरी ने अपनी पीड़ा सुनाई। पीड़िता ने थाना परिसर में ग्रामीणों और पत्रकारों के समक्ष अपनी आपबीती बताई।
गैंगरेप के बाद मां संग बनाया बंधक
उसने बताया कि नौ सितंबर को घर से स्कूल जाते समय तीन युवकों ने उसे यह कहकर अगवा कर लिया कि उसकी मां की तबियत खराब है और वह अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद उसे एक सुनसान स्थान पर ले गए, वहां तीनों युवकों ने उससे बलात्कार किया। वह अचेत हो गई। उसे मऊ जिले के एक निजी अस्पताल में बंधक बनाकर रखा गया।
घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों ने उसकी मां को भी अगवा कर लिया और उसे भी किशोरी के साथ बंधक बनाकर रखा। बकौल किशोरी, उसका ऑपरेशन कराया गया और जबरिया उससे सादे कागज पर दस्तखत कराया गया।
19 सितंबर को किशोरी और उसकी मां को बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए जिले की सीमा पर छोड़ दिया। साथ ही उसके रिश्तेदारों को भी धमकाया। इस मामले में किशोरी सहित ग्रामीणों के काफी अनुनय-विनय के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। मुकदमा दर्ज न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
उधर, क्षेत्राधिकारी अंशुमान मिश्र से कार्रवाई के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है। किशोरी और उसकी मां कोई कार्रवाई कराना नहीं चाहती हैं।