यूपी: शामली में विकास भवन में महिला से गैंगरेप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली में महिला ने विकास भवन में उसके साथ गैंगरेप किए जाने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। इस मामले में महिला आयोग के निर्देश पर परियोजना निदेशक, सहायक अभियंता और दो बाबुओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थानाभवन क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला ने बुधवार को महिला आयोग के निर्देश पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पति थानाभवन ब्लाक में ग्राम विकास विभाग में संविदा पर तकनीकी सहायक के पद पर काम करते थे।
आरोप है कि विकास भवन में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने उसके पति के वेतन पर रोक लगा दी थी। 15 दिसंबर को पति का वेतन जारी करने की मांग को लेकर वह अपने पिता और एक अन्य परिजनों के साथ परियोजना निदेशक के कार्यालय पर गई थी।
महिला आयोग के निर्देश पर की गई कार्रवाई
आरोप है कि वहां पर विभाग के सहायक अभियंता उसे अकेले एक कमरे में ले गए, जहां पर परियोजना निदेशक और विकास भवन के दो बाबू पहले से ही मौजूद थे। आरोप है कि चारों लोगों ने कमरे का दरवाजा बंद करते हुए उसके साथ गैंगरेप किया।
गैंगरेप के बाद आरोपियों ने पति का वेतन जारी करने का दिलासा देते हुए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर गैंगरेप की शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मामला जिला स्तर के अधिकारियों से जुड़ा होने के कारण शिकायतों के बावजूद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके चलते उसने 23 जनवरी को महिला आयोग लखनऊ को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। सीओ सिटी निशांक शर्मा ने बताया कि महिला आयोग के निर्देश पर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, एससीएसटी एक्ट समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़ित महिला का डाक्टरी परीक्षण कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
घोटाले में दबाव बनाने के लिए कराया मुकदमा
परियोजना निदेशक गया प्रसाद गौतम ने बताया कि वर्ष 2011 में थानाभवन ब्लाक के गांव एक में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक ने मनरेगा में 1.76 हजार का गबन किया था। गबन की जांच मनरेगा सेल के अपर आयुक्त चंद्रप्रकाश द्वारा की गई थी।
जांच में दोषी पाए जाने पर तीनों के खिलाफ एफआईआर और रिकवरी के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक एफआईआर नहीं हो पाई है। इस मामले में दबाव बनाने के लिए तकनीकी सहायक की पत्नी ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है।
वहीं एसपी विजय भूषण ने कहा कि महिला आयोग के निर्देश पर तत्काल संबंधित धाराओं में चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जांच पड़ताल के बाद मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाएगी।