बदायूं: सिपाही के बेटे और साथियों ने किया गैंगरेप
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शनिवार सुबह विवाहिता को चेतावनी देकर छोड़ा गया। मामले में पुलिस ने दो नामजद व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है मगर कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।
पास के ही गांव की पीड़ित महिला अपने दो बच्चों के साथ कस्बे के सोमवार बाजार मोहल्ले में किराए पर रहती है।
झांसा देकर महिला को बनाया बंधक
महिला का कहना है कि शुक्रवार शाम सात बजे वह अपने दो बच्चों के साथ आईड्राप लेने सीएचसी आई थी। यहां उसे तीन युवक मिले। इनमें से एक सतैती गांव के हिमांशु और खलीफा को वह जानती है जबकि तीसरा अज्ञात युवक था। सिपाही का बेटा हिमांशु बिल्सी रोड पर अपने नए मकान का निर्माण करा रहा है। उसके पिता बहजोई (संभल) थाने में कांस्टेबल हैं।
दोनों युवकों ने महिला को किराए पर दूसरा अच्छा कमरा दिलाने का झांसा दिया। हिमांशु दोनों दोस्तों के साथ कमरा दिखाने के बहाने महिला को उसके बच्चों के साथ अपने निर्माणाधीन मकान पर ले गया। उसके घर में घुसते ही तीनों युवकों ने बाहर से ताला लगा दिया और चले गए।
कुछ देर तक दरवाजा पीटकर महिला शांत हो गई।
विवाहिता पर ताना तमंचा, बच्चों को पीटा
आरोप है तीनों युवक देर रात घर लौटे और बारी-बारी विवाहिता से दुराचार किया। शोर मचाया तो उसकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया। बच्चों ने शोर मचाया तो उन्हें भी पीटा गया। दिन निकलने पर महिला और उसके बच्चों को चेतावनी देकर मुक्त किया गया। घर से बाहर निकलने पर महिला ने शोर मचाते हुए अपनी व्यथा सुनाई।
इस पर स्थानीय लोग उसे कोतवाली ले आए। यहां महिला ने पुलिस को पूरी घटना बताई। तब प्रभारी कोतवाल जीत सिंह महिला को लेकर मौके पर गए। उन्होंने निर्माणाधीन मकान को सील कर दिया।
महिला की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
रात भर सहमे रहे पीड़िता के मासूम बच्चे
जिस वक्त महिला को दरिंदे अपनी हवस का शिकार बना रहे थे, तब दोनों मासूम एक कोने में दुबके रहे। इनमें बेटे की उम्र 12 साल और बेटी की उम्र चार साल है। डर के कारण रात भर सो नहीं पाने वाले एक बच्चे ने पुलिस को बताया कि जब दरिंदों ने घर में बाहर से ताला डालकर उन्हें बंद कर दिया तो चीखने-चिल्लाने के बाद मां उन्हें सीने से लगाए बैठी रही।
चूंकि घटनास्थल (निर्माणाधीन मकान) नगर से बाहर की ओर है, इसलिए किसी ने मां की चीखें नहीं सुनीं। बेटे ने बताया कि थोड़ी देर बाद वह सो गया। शोर मचने पर उसकी आंख खुली तो तीन लोग मां को खींच रहे थे। उसने भी शोर मचाया तो इनमें से एक युवक ने गाल पर थप्पड़ जड़ दिया।
इस पर वह घर के एक कोने में दुबक गया। एक घंटे तक मां चीखती रही। जब तीनों युवकों ने मां को छोड़ा तो वह भाग कर उनके पास आ गई। रात में दो-तीन बार युवकों ने महिला से जबर्दस्ती की। चार साल की बेटी ने दहशत के कारण शनिवार दोपहर तक कुछ नहीं खाया। वह कोतवाली में अपनी मां से चिपटी रही।
कत्ल के आरोप में जेल में बंद है पति
पीड़ित विवाहिता का पति तीन वर्ष से जेल में है। बताते हैं कि गांव सलेमपुर निवासी बादशाह की तीन साल पहले हत्या हो गई थी। इस घटना में उसे नामजद किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है। दो महीने पहले वह नगर के मोहल्ला सोमवार बाजार में एक किराए के मकान में रहने लगी थी।
देर रात एसएसपी ने किया मुआयना
विवाहिता से गैंगरेप की वारदात के मामले में शनिवार रात एसएसपी एलआर कुमार मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने सबसे पहले उस निर्माणाधीन मकान का मुआयना किया, जिसमें घटना हुई थी। उन्होंने प्रभारी कोतवाल जीत सिंह से पूछा कि घटनास्थल की वीडियो क्यों नहीं बनवाई गई? इसके अलावा भी घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। फिर वह कोतवाली गए और अधिकारियों से मंत्रणा की।