फुगाना थाने के इंस्पेक्टर की मिली लाश,हिरासत में युवती
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मुजफ्फरनगर में फुगाना थाने के इंस्पेक्टर की गुरुवार देर रात उनके सरकारी आवास में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के समय आवास में मौजूद गोरखपुर की एक युवती और एक युवक को हिरासत में लिया गया है।
परिजनों ने जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाकर थाने पर हंगामा किया। इसके बाद इंस्पेक्टर की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जांच के लिए विसरा प्रिजर्व किया गया है।
इंस्पेक्टर के संग थे युवक-युवती
फुगाना थाने के इंस्पेक्टर विजय सिंह थाना परिसर में ही स्थित सरकारी आवास में रहते थे। गुरुवार शाम गोरखपुर के बेलाघाट थाना क्षेत्र के गांव भभया निवासी ज्योति मिश्रा अपने भाई प्रशांत मिश्रा के साथ इंस्पेक्टर से मिलने फुगाना थाने आई थी।
रात करीब दस बजे गश्त से लौटकर इंस्पेक्टर युवती और युवक के साथ सरकारी आवास में चले गए। रात करीब 11 बजे युवक ने भागकर थाने के आफिस में मुंशी राजू को इंस्पेक्टर द्वारा जहर खाने की जानकारी दी।
थाने के पुलिसकर्मी तत्काल इंस्पेक्टर को पहले शामली और फिर जिला अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
युवक-युवती पर हत्या का आरोप
उधर, इंस्पेक्टर के आवास में मौजूद युवती और युवक को हिरासत में ले लिया गया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के बाद इंस्पेक्टर के शव को पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
यहां परिजनों ने सरकारी आवास से हिरासत में लिए गए युवक-युवती पर इंस्पेक्टर की हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
एसएसपी एचएन सिंह के समझाने पर इंस्पेक्टर की पत्नी प्रभा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। दोपहर के समय ज्योति मिश्रा और प्रशांत मिश्रा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
ज्योति का दावा, इंस्पेक्टर से हुई उसकी शादी
छानबीन में पता चला कि इंस्पेक्टर विजय मुजफ्फरनगर से पहले गोरखपुर में तैनात रहे थे। इस दौरान उनकी ज्योति मिश्रा से निकटता हो गई। ज्योति का थाने के आवास पर आना-जाना था। थाने के स्टाफ ने इस बात की पुष्टि की है।
इंस्पेक्टर की पत्नी प्रभा अपने तीन बच्चों के साथ मुजफ्फरनगर के लद्दावाला में रह रही है। उनके रिटायरमेंट में एक साल शेष बचा था। पूछताछ के दौरान ज्योति ने बताया कि उसकी इंस्पेक्टर विजय से एक मंदिर में शादी हो चुकी है।
उधर, शाम के समय आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। कोतवाली इंस्पेक्टर चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में कोई वजह साफ नहीं आने के कारण विसरा संरक्षित कर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
आईएएस की करीबी बन गई थी ज्योति
मेरठ में फुगाना थाने के इंस्पेक्टर विजय सिंह को जहर देकर मारने के आरोप में घिरी बेलघाट के भगया गांव की ज्योति मिश्रा साल 2008 से अपने रवैये में बदलाव के कारण सुर्खियों में आई थी। गोरखपुर में डीएम रह चुके सीनियर आईएएस अफसर के करीबी होने के प्रचार ने जहां ज्योति के प्रति लोगों का नजरिया बदला, वहीं ज्योति ने भी इस प्रचार का जगह-जगह रुतबे के लिए इस्तेमाल किया।
इस बदलाव के कारण ज्योति और उसके परिवार के लोगों से दूरी बना लेने वाले ग्रामीणों ने बताया कि ज्योति के पिता नहीं हैं और उसकी मां तथा भाभी बेलघाट में ही रहती हैं। इंटर तक पढ़ाई करने वाली ज्योति के गोरखपुर के कलेक्टर की करीबी होने की बात 2008 में खूब चर्चा में रही थी।
एकाएक उसके रहन-सहन के तरीके में बदलाव आया। स्कूटी से आवाजाही शुरू करने के साथ उसने सरकारी दफ्तरों में दखल बढ़ाना शुरू कर दिया था। आईएएस अफसर से नजदीकी संबंध के हवाले से एक दौर में ज्योति ने बेलघाट और गोला थाने में मनमाने तरीके से काम कराए। इस तरह के कामों में से कुछ की सिफारिश में आईएएस अफसर का फोन आने से पुलिस को भी दोनों के करीब होने का भरोसा जम गया था।
इंस्पेक्टर से भी ज्योति के बने नजदीकी संबंध
इसी दौरान गोरखपुर के कैंट थाने में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर विजय सिंह भी ज्योति के करीबी हो गए। कागजों की चेकिंग के दौरान ज्योति की स्कूटी पुलिस के रोक लेने पर इंस्पेक्टर विजय ने ही उसे रिलीज कराया।
इसी तरह की दखलंदाजी में ज्योति का गोला थाने की पुलिस से विवाद भी चर्चा में रहा था। थाने पर हंगामे के बाद ज्योति यहां से मनमाफिक काम कराने में कामयाब रही थी। इंस्पेक्टर विजय सिंह और आईएएस अफसर के तबादले के बाद इस क्षेत्र में रुआब से काम कराने की प्रवृत्ति कम हुई लेकिन उसकी सक्रियता दूसरे जिलों तक बढ़ गई।
गांव वालों के मुताबिक हालिया लोकसभा चुनाव में ज्योति फैजाबाद क्षेत्र में काफी सक्रिय रही थी। इस दौरान वह कभी-कभी भाई के साथ गांव आती थी लेकिन यहां रह रही मां और भाभी तक मुलाकात सीमित रहती थी। तीन दिन पहले एक शादी में उसे गांव में देखे जाने की जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि उस वक्त भी उसके मुजफ्फरनगर जाने की चर्चा थी।