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आईएएस बताकर तय की थी शादी, निकला बड़ा ठग
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 08 Jan 2016 06:42 PM IST
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उसकी शादी के कुछ ही दिन बचे थे। लड़की हाथों में मेंहदी रचाने को बताब थी। लाल जोड़े में वो ख्वाब बुन रही थी। घर के बड़े-बुजुर्गों भी इस बात से फूले नहीं समा रहे थे कि उन्हें आईएएस दामाद मिला है। लेकिन उस वक्त सभी के सपने चकनाचूर हो गए जब खुद को आईएएस बताने वाला शख्स 11 लाख का चूना लगा गया।
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वाराणसी का ये ठगी का मामला लोगों की दिलचस्पी की वजह बना हुआ है। खुद को आईएएस अफसर बताकर कन्या पक्ष को झांसा देने वाले श्रावस्ती निवासी अनिल मिश्रा नामक युवक को पुलिस ने धर दबोचा है।
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लड़की के पिता ने लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि अनिल ने खुद को आईएएस बताया था। इस पर उन्होंने अपनी पुत्री की शादी उससे तय की थी। रिश्ता तय होने के बाद अनिल ने उनसे 11 लाख रुपये लिए लेकिन शादी के ठीक पहले घर से भाग निकला। यह प्रकरण दो साल पहले का है।
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श्रावस्ती के मिनान थाना क्षेत्र के पटनागोखड़ा निवासी अनिल मिश्र ने 2013 में अपनी शादी के लिए विज्ञापन निकलवाया था। विज्ञापन के जरिए लंका के महामनापुरी कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी के लिए उनसे संपर्क किया। अनिल ने खुद को आईएएस बताया। कहा कि उसकी पहली तैनाती वाराणसी में खादी ग्रामोद्योग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर हुई है।
वह अक्सर महामनापुरी कॉलोनी स्थित वधू पक्ष के घर नीली बत्ती लगी बोलेरो से दो गनर के साथ आता था। उसने खुद को फैजाबाद का मूल निवासी बताया था और कन्या पक्ष के लोगों को वहां ले भी गया था।
उसने बताया था कि वह किराए के मकान में रहता है। घर बनवाने के नाम पर चार बार में 11 लाख रुपये उसने कन्या पक्ष से लिए। दिसंबर 2013 में सगाई भी हो गई। अप्रैल में शादी होनी थी। शादी के पहले ही वह भाग गया। मोबाइल भी बंद हो गया।
इस पर लड़की के पिता ने 2014 में उसके खिलाफ लंका थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। जांच के दौरान पुलिस और पीड़ित परिवार को पता चला कि वह गोंडा में नीली बत्ती लगी कार के साथ गिरफ्तार हुआ था। गोंडा पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि वह श्रावस्ती का रहने वाला है।
पुलिस उसकी तलाश में घर पहुंची तो उसकी पत्नी पुलिसकर्मियों को छेड़खानी में फंसाने की धमकी देने लगी। पता चला कि उसने एक पुलिसकर्मी समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
चितईपुर चौकी इंचार्ज संजय सिंह बुधवार को उसके घर कुर्की का आदेश लेकर पहुंचे। पता चला कि अनिल घर के पास ही मौजूद है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वाराणसी लाकर उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।