कलयुग! सोना-चांदी बताकर 45 लाख में बेच दी धूल
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आपने किसी को मिट्टी जलाकर सोना बनाते देखा या फिर मिट्टी से चांदी निकालते? नहीं, ना। शायद किसी ने न देखा हो। लेकिन कुछ ठगों ने दिल्ली के दो कारोबारियों को मिट्टी से सोना और चांदी मिलने की बात कही।
फिर उन लोगों ने एक व्यवसायी को 2150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 721 किलोग्राम मिट्टी बेच दी। तो दूसरे मामले में एक व्यवसायी को छह किलोग्राम मिट्टी 45 लाख रुपए में बेच दिया। उसके बाद वे फरार हो गए।
व्यवसायियों को जब अपनी बेवकूफी का एहसास हुआ तो उन्होंने उन ठगों की तलाश की लेकिन वे कहां मिलने वाले थे। उनकी शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्जकर ठगों की तलाश शुरू कर दी।
2150 रुपए/किलो के हिसाब से खरीदी 7 क्विंटल मिट्टी
दिल्ली के मानसरोवर पार्क इलाके में ज्वैलर देवेंद्र कुमार सपरिवार रहते हैं। मई, 2013 में देवेंद्र के परिचित बाबू ने रहीस के पास चांदी मिली मिट्टी होने की जानकारी दी। दोनों ने देवेंद्र को वह मिट्टी भी दिखाई।
जांच करने के बाद मिट्टी की कीमत करीब 2500 रुपए किलो के करीब आंकी गई। रहीस ने बताया कि चांदी मिली मिट्टी की खेप लुधियाना में है। जिसे दिखाने के लिए बाबू और रहीस, देवेंद्र को लुधियाना ले गए। वहां देवेंद्र को जाकिर, फकरे आलम व मुन्ना नामक शख्स भी मिले।
देवेंद्र सौदेबाजी के बाद 2150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 721 किलो चांदी मिली मिट्टी खरीदकर दिल्ली आ गया। गीता कॉलोनी श्मशान घाट के पास उसने रहीस को करीब 15.50 लाख रुपए दिए। चांदी मिली मिट्टी को देवेंद्र ने गोदाम में रखवा दिया।
कुछ दिनों बाद जब उसने मिट्टी की जांच की तो उसमें से चांदी नहीं निकली। देवेंद्र ने आरोपियों को काफी तलाश करने का प्रयास किया। बात बनती न देखकर उसने मामले की सूचना पुलिस को दी।
45 लाख में खरीदा 6 किलो मिट्टी
विकास गुप्ता (37) परिवार के साथ पुष्पांजलि एंक्लेव, आनंद विहार में रहते हैं। चांदनी चौक इलाके में विकास का कपड़े का व्यवसाय है। दुकान पर उनके पिता विनोद कुमार गुप्ता भी बैठते हैं।
विकास के मुताबिक करीब ढाई माह पूर्व इनकी दुकान पर दो शख्स कपड़ा खरीदने आए थे। दोनों ने खुद को पानीपत का सब्जियों और भैसों का व्यवसायी बताया। दोनों अक्सर विकास की दुकान पर कपड़ा खरीदने आने लगे। कुछ ही दिनों में घनिष्टता बढ़ने के बाद दोनों ने विकास के घर भी आना-जाना शुरू कर दिया।
एक शख्स अपना नाम विजय चौधरी बताता था, जबकि दूसरे को चौधरी साहब कहते थे। एक सप्ताह पूर्व विजय ने बताया कि उसके गांव में एक विधवा औरत है, उसके पास सोना मिश्रित मिट्टी है। उसके कुछ दिन बाद उन लोगों ने मिट्टी जलाकर सोने का एक टुकड़ा विकास के घर बनाकर दिखाया। सोना 24 कैरेट शुद्ध पाया गया।
विकास ने 45 लाख देकर छह किलो मिट्टी खरीद ली। लेकिन उन ठगों के जाने के बाद व्यवासायी ने मिट्टी से सोना बनाने का प्रयास किया, लेकिन सोना नहीं बना। फिर ठगे जाने का अहसास होने पर पिता-पुत्र ने पुलिस को सूचना दी।