सावधान! कहीं बन न जाए एटीएम कार्ड का क्लोन, ऐसे बचें
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एटीएम से रुपये निकालते वक्त सावधान रहें। एटीएम कॉपी करने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य मैगनेटिक चिप की मदद से एटीएम का ब्लू प्रिंट लेते हैं। इसके बाद कार्ड का क्लोन तैयार कर रुपये निकाल लेते हैं।
गिरोह ने इस बार कमला नगर डी ब्लॉक निवासी अजय वार्ष्णेय को अपना शिकार बनाया है। उनके कार्ड का क्लोन तैयार कर एकाउंट से 92,400 रुपये निकाल लिए हैं। इससे पहले कमला नगर के ही एक व्यापारी के खाते से रुपये निकाले गए थे। मामले की शिकायत साइबर सेल में की गई है।
अजय वार्ष्णेय एक फैक्ट्री में अकाउंटेंट हैं। उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक की कमला नगर शाखा में है। उन्होंने बताया कि सात सितंबर को उनके मोबाइल पर 22400 रुपये निकालने का मैसेज आया। खाते का बैलेंस भी मात्र 11 रुपये बताया गया।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि उनके खाते से पांच से सात सितंबर के बीच 92,400 रुपये निकले गए हैं। रुपये दिल्ली के लक्ष्मी नगर, न्यू आर्या नगर और विकास नगर में निजी बैंक के एटीएम से निकाले हैं। अजय ने बताया कि एटीएम उनके पास है। उन्होंने तीन सितंबर को नासिक के एटीएम से रकम निकाली थी।
कैसे होती है एटीएम की क्लोनिंग
एटीएम कापी करने वाले गिरोह के सदस्य सुनसान इलाकों के एटीएम में आने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। एटीएम मशीन के कार्ड स्वैपिंग स्लॉट पर एक विशेष मैगनेटिक डिवाइस लगा दी जाती है। चिप के आकार की यह डिवाइस एटीएम कार्ड के बारकोड और चिप की सारी इंफॉर्मेशन को कापी कर लेती है।
इस डिवाइस में कार्ड का ब्लूप्रिंट तैयार हो जाता है। इसके अलावा एटीएम की पैड को सीपीयू और कार्ड रीडर से जोड़कर भी एटीएम की क्लोनिंग की जाती है। इसके बाद विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से एटीएम का क्लोन तैयार कर लिया जाता है।
कैमरे से होता है पिनकोड चोरी
एटीएम रूम की छत पर एक खुफिया कैमरा (बटन कैमरा) फिट कर दिया जाता है। इस कैमरे का काम उपभोक्ता के पिनकोड को कैप्चर करना होता है। एटीएम का कोड पता चलते ही गिरोह कार्ड का क्लोन तैयार करने में जुट जाता है।
इन बातों का रखें ख्याल
-एटीएम रूम में अकेले ही प्रवेश करें
-एटीएम से बाहर निकलने से पहले कैंसिल का बटन दबाएं
-एटीएम की होम स्क्रीन आने के बाद ही एटीएम से बाहर निकलें
-ट्रांजेक्शन स्लिप को लेकर ही बाहर निकलें
-कार्ड खोने पर तुरंत बैंक को सूचना देकर उसे ब्लॉक कराएं
-समय समय पर एटीएम पिन को बदलते रहें
-कार्ड दूसरों को उपयोग करने को न दें
-एटीएम ठीक से काम न करने पर बैंक को तुरंत सूचित करें
-समय समय पर एकाउंट बैलेंस चेक करते रहें।
-बैंकिंग ट्रांजेक्शन को एसएमएस एलर्ट के साथ जोड़ें