बागपत में 4 की बर्बर हत्या पर बवाल
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यूपी के बागपत में अहेड़ा रेलवे स्टेशन से सटे चौहल्दा गांव के रास्ते पर शुक्रवार की रात गर्भवती महिला और उसके तीन मासूम बच्चों को बड़ी बेरहमी से गला काटकर मौत के घाट उतार दिया गया।
दिल दहला देने वाली इस वारदात का पता चलने पर गुस्से से भरे गांव वालों ने शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस के सामने चारों शव दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
पुलिस ने भी लाठियां बरसाकर उन्हें खदेड़ दिया, जिसपर इलाके में तनाव फैल गया। चौहरे हत्याकांड में किसी करीबी का हाथ होने का शक है, लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।
सुबह में खेत में खून से लथपथ मिली लाश
बर्बरता का पता शनिवार सुबह सात बजे तब लगा जब रेलवे स्टेशन के रास्ते के पास चौहल्दा के इलियास (50) की पत्नी नसीमा (35) की खून से लथपथ लाश दिखाई दी। गांव वालों ने आसपास के खेत खंगाले तो 200 मीटर की दूरी पर शीलू के गेहूं के खेत में नसीमा के बच्चों नाजिम (7) नाजिया (5) और अकरम उर्फ गोलू (3) की गला कटी लाशें पड़ी पड़ी थीं।
इलियास ने बताया कि सात महीने की गर्भवती नसीमा बच्चों के साथ शुक्रवार सुबह 11 बजे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गई थी। बिहार के बेगुसराय निवासी नसीमा उसकी दूसरी पत्नी थी। उसकी पहली पत्नी वरिसा की 11 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी।
चौहल्दा के लोगों ने शुक्रवार देर शाम नसीमा को शहादरा में ट्रेन में सवार होते हुए भी देखा। इसके बाद चारों की लाश ही नजर आई। मौके पर आईजी आलोक शर्मा और डीआईजी सत्यनारायण के अलावा दिल्ली के स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री सतेंद्र जैन भी पहुंचे।
गांव वालों ने किया हाईवे जाम
मौका मुआयना में लगे थे। इसी बीच गुस्से से भरे गांव वालों ने बागपत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर चारों लाशें उठाई और 12.30 बजे हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। ये लोग हत्या के खुलासे और मुआवजे की मांग कर रहे थे।
इसी बीच गुस्से में आए एक अफसर ने भीड़ को धमकाना शुरू कर दिया, तो बाकी पुलिस वाले लाठी लेकर दौड़ पड़े। पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस के इस रवैये से इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने लोगों से हाथापाई भी की, इससे आहत इलियास ने ट्रैक्टर के नीचे आकर जान देने की कोशिश की, उसे पुलिस ने मुश्किल से रोका।
हालांकि एएसपी सुनील कुमार ने लाठीचार्ज से साफ इंकार किया है। बाद में बागपत पालिका चेयरमैन राजुद्दीन और सपा नेताओं ने पहुंचकर भीड़ का गुस्सा शांत किया। घटना की रिपोर्ट इलियास ने अज्ञात में दर्ज कराई है। उधर, शाम को बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने हाईवे पर पुलिस का पुतला फूंककर रोष जताया।
पुलिस का शक, करीबी ने किए कत्ल
चौहल्दा के चौहरे हत्याकांड के रहस्य से परदा उठाने में लगे पुलिस के अफसरों को शक है कि दिल दहला देने वाली इस वारदात के पीछे किसी करीबी का ही हाथ हो सकता है, ऐसा मानने के पीछे एक तो वजह यह है कि मौका-ए-वारदात पर लूट या रेप की कोशिश के निशान नहीं मिले।
दूसरा महिला के साथ मासूम बच्चों को मारा गया और तीसरा मारी गई महिला के परिवार की किसी से भी दुश्मनी सामने नहीं आई है।
एसपी जितेंद्र शाही का कहना है कि अभी तक हत्या का कोई मकसद सामने नहीं आया है। न लूट हुई है और न ही कोई और बात है। रंजिश भी नहीं है, इसलिए लग रहा है कि कातिल कोई न कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जिसे नसीमा और उसके बच्चे जानते हों, हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। जांच कई बिंदुओं पर चल रही है।