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जमीन के लिए बहा दिया अपनों का खून

Fri, 03 Jan 2014 08:50 AM IST
अमर उजाला, बरेली
अमर उजाला, बरेली Updated Fri, 03 Jan 2014 08:50 AM IST
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four murdered in bareilly

जमीन के विवाद में तीन भाइयों ने अपने पिता,भाई, भाभी और भतीजे की ताबड़तोड़ गोलियां दाग कर नृशंस हत्या कर दी। हमले में घायल एक भाई अस्पताल में भर्ती है। घटना को अंजाम देकर हत्यारे मौके से फरार हो गए हैं। मामला जिले के थाना भुता के केसरपुर गांव का है।

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उधर पुलिस के आला अफसरों ने घटना स्थल पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर छानबीन शुरू कर दी है। कुछ समय पहले हमलावरों के अविवाहित चाचा प्यारेलाल ने अपने हिस्से की 42 बीघा जमीन अपने दो भतीजों रीतराम और नरेश कुमार के नाम कर दी थी।
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प्यारे लाल की कुछ महीने पहले मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक इस बीच रीतराम के पिता कंतूरी उर्फ कस्तूरी लाल ने भी अपने हिस्से कुछ जमीन इन दोनों लड़कों की पत्नियों के नाम कर दी थी। रीतराम और नरेश के दो सगे भाई रामचंद्र और अर्जुन हैं और सौतेला भाई रामबाबू उर्फ पप्पू भी इस जमीन पर अपना दावा कर रहा था।
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वे चाहते थे कि प्यारेलाल की जमीन का बंटबारा सभी भाईयों के बीच हो। घर में ये विवाद चल ही रहा था इसी बीच बृहस्पतिवार को रीतराम के घर के आगे से गुजर रहे ट्रक से बिजली का तार टूट गया । इस पर रीतराम ने ट्रक के चालक को पकड़कर बैठा लिया और वह उससे तार जुड़वाने की जिद करने लगा था।

इसी बीच उसका सौतेला भाई रामबाबू आ गया। वह ट्रक चालक की पैरवी करने लगा तो रीतराम और रामबाबू में मारपीट होने लगी। नरेश कुमार के बेटे महीपाल ने बताया कि विवाद के बीच रामबाबू ने तमंचे से रीतराम के सिर में गोली मार दी।

इसके बाद अर्जुन और रामचंद्र भी वहां आ गए। रीतराम की हत्या के समय नरेश कुमार भी उसके पास था। हत्यारों ने उस पर ईंट-पत्थर से हमला किया तो वह जान बचाकर किसी तरह भाग निकला।

गोली खत्म होने के बाद हत्यारों ने नरेश की पत्नी ओमवती को भी हसिया लेकर दौड़ाया लेकिन वह अपने बच्चों के साथ मौके से भागकर गांव में छिप गई। फायर की आवाज सुनकर घर से बाहर निकली रीतराम की पत्नी सीमा को रामबाबू और उसके भाईयों ने रास्ते में ही खींच लिया और उसके सिर में भी गोली मार दी।

पति पत्नी की हत्या के बाद हत्यारों ने रीतराम के मासूम बेटे लकी के सीने में गोली उतार दी। वह चारपाई पर लेटा हुआ था। आखिर में हत्यारों ने अपने पिता कंतूरी लाल की गोली मारकर हत्या की और फरार हो गए।


ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर नरेश और ओमवती बच्चों के साथ अपने घर पहुंचे और फिर पुलिस को घटना की सूचना दी। घटना की सूचना पर एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी देहात अखिलेश चौरसिया भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।

घायल नरेश कुमार को जिला अस्पताल भिजवा दिया है लेकिन देर रात तक मुकदमा नहीं लिखा गया था।

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