साल की 5 चर्चित लव स्टोरी, जिनका अंजाम हुआ मौत
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साल 2014 बीतने वाला है। इस साल ऐसी कई घटनाएं हुईं जिन्होंने देश को हिला कर रख दिया। कभी बीच सड़क खून बहा तो कहीं घर के अंदर लाशें मिलीं। कई मामले बेहद चौंकाने वाले रहे।
जनवरी से लेकर अब तक हुई घटनाओं में प्रेम संबंध, प्रेम विवाह, अवैध संबंध तमाम कारण ऐसे रहे जिनके चलते एक के बाद एक खौफनाक कांड सामने आए। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी के कई बड़े शहर इन घटनाओं के गवाह बने।
पढ़िए, इस साल के सबसे चर्चित वो पांच मामले जिनमें प्रेम संबंधों के चलते किसी न किसी को जान गंवानी पड़ी। इनमें से कुछ मामले ऐसे हैं जिनकी तहकीकात अभी भी जारी है।
1- सुनंदा और थरूर की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत
पाकिस्तान की महिला पत्रकार के साथ केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के कथित विवाहेत्तर संबंधों से परेशान चल रहीं उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की इस साल 17 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
देर शाम को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के कमरे में उनका शव पड़ा मिला। पहली नजर में दिल्ली पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी मामला उलझता गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी सुनंदा की मौत की मिस्ट्री सुलझ नहीं सकी।
इस मामले में एक के बाद एक कईं पेंच सामने आए और सुनंदा के पति व तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर घिरते नजर आए। थरूर को लेकर पाकिस्तान की महिला पत्रकार मेहर तरार और सुनंदा के बीच एक दिन पहले ही ट्विटर पर तीखी जंग हुई थी, लेकिन बाद में थरूर और सुनंदा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी के ठीकठाक होने का दावा किया था।
पुलिस ने बताया कि 52 वर्षीया सुनंदा का शव रात करीब 8.30 बजे होटल लीला पैलेस के 345 नंबर कमरे में मिला। घर में पेंटिंग का काम चलने के कारण थरूर और सुनंदा एक दिन पहले से इस होटल के एक सुइट में रह रहे थे। महिला उद्यमी सुनंदा और थरूर की साल 2010 में शादी हुई थी। यह दोनों की तीसरी शादी थी।
थरूर के निजी सचिव अभिनव कुमार ने कहा कि मंत्री पूरे दिन दिल्ली में चली एआईसीसी की बैठक में रहे। जब वह देर शाम करीब 8.30 बजे होटल लौटे तो उन्होंने पाया कि सुनंदा के कमरे का दरवाजा बंद है। उन्होंने सोचा कि वह सो रही हैं लेकिन बाद में उन्होंने पाया कि उनकी मौत हो गई है।
सुनंदा मामले में अभी भी जांच जारी है। मामले की छानबीन कर रही टीम ने होटल के उस कमरे से दोबारा सबूत इकट्ठा किए हैं। हालांकि अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ कि सुनंदा ने आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या की गई है।
2- कानपुर का हाईप्रोफाइल ज्योति हत्या कांड
हाईप्रोफाइल ज्योति मर्डर कांड इस साल काफी चर्चा में रहा। अवैध संबंध में बाधक बनने पर ज्योति की हत्या उसके पति पीयूष श्याम दासानी ने ही कराई थी। पीयूष ने अपने पूर्व ड्राइवर अवधेश और उसके दो साथियों को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। 30 हजार भुगतान कर दिए गए थे बाकी रकम बाद में देनी थी।
आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने हत्याकांड के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि वारदात वाले दिन पहले से तय साजिश के अनुसार रेस्टोरेंट से लौटते समय रास्ते में हत्यारोपी मिले थे। पीयूष ने कार रोककर ज्योति को कार समेत हत्यारोपियों के हवाले कर दिया और खुद उतर गया। तीन हत्यारोपियों में से एक कार चलाता रहा और बाकी दो ने ज्योति को चाकुओं से गोद डाला। पुलिस ने अवधेश और उसके साथियों सोनू और रेनू को पकड़ लिया है। सबके खिलाफ हत्या समेत कई धाराएं लगाई गई हैं।
वारदात की पूरी जानकारी रखने और सहयोग देने के आरोप में पुलिस ने पीयूष की प्रेमिका एक पान मसाला कारोबारी की बेटी को भी षडयंत्र का आरोपी बनाया है।
काकादेव पांडु नगर निवासी उद्यमी पीयूष श्याम दासानी की पत्नी ज्योति (27) की 27 जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। ज्योति अपने पति पीयूष के साथ नवाबगंज रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर कार से लौट रही थी। रास्ते में चंद्रशेखर आजाद कृषि एंव प्रौद्योगिक विवि. (सीएसए) के पास अज्ञात बाइक सवारों ने ज्योति को कार समेत अगवा कर मार डाला था। बाद में ज्योति की लाश कार में ही पनकी इलाके में मिली थी। पुलिस ने पहले दिन से ही पीयूष को शक के घेरे में रखा था।
उसे हिरासत में लेने के बाद रात में सर्विलांस, मोबाइल कॉल की सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और प्रेमिकाओं से आमना-सामना कराया गया तो पीयूष टूट गया। आईजी ने बताया कि वारदात वाले दिन रेस्टोरेंट में आने से पहले ही पीयूष ने ज्योति की हत्या का पूरा ताना-बाना बुन लिया था।
पीयूष खाना खिलाने के बहाने ज्योति को वरांडा रेस्टोरेंट ले गया था। फोन करके वहीं अवधेश और उसके दोस्तों को बुलाया। बहाने से नीचे आकर दोनों से मिला। इस दौरान पीयूष ने सीसीटीवी कैमरे का पूरा ध्यान रखा। कवरेज एरिया से दूर तीनों को खड़ा कर रखा था। दोबारा रेस्टोरेंट में वापस गया। फुटेज में पीयूष की बेचैनी साफ दिखी। वहीं रेस्टोरेंट से पीयूष ने अपनी प्रेमिका से भी बात की।
रात 11:30 बजे इलाहाबाद की ओर लॉंग ड्राइव पर चलने की बात कहकर पीयूष और ज्योति कार में सवार हुए। सीएसए-रावतपुर मार्ग पर रामचरन की मड़ैया निवासी ड्राइवर अवधेश, सोनू और अवधेश का दोस्त ड्राइवर रेनू कनौजिया मिल गए। पीयूष कार से नीचे उतर गया। तीनों कार में घुस गए। ज्योति ने कहा भी कि पीयूष ये क्या करा रहे हो तो पीयूष बोला- अब जाओ काम खत्म।
3- प्रेम विवाह करने पर भावना को मां-बाप ने दी मौत
नवंबर में दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा भावना की हत्या के बाद काफी बवाल हुआ। भावना की हत्या का इल्जाम उसके माता-पिता के सिर पर आया। पुलिस के अनुसार माता-पिता इस बात से नाराज़ थे कि उसने अपनी जाति से बाहर शादी की। 12 नवंबर को भावना और अभिषेक ने आर्य समाज मंदिर में शादी की।
नम आँखों के साथ अभिषेक ने कहा, "भावना के सपने छोटे-छोटे थे। माता-पिता उसकी शादी स्कूल के बाद ही करवा देना चाहते थे लेकिन उसे जीन्स और शर्ट पहन कॉलेज जाने का मन था।"
वो बताते हैं, "उसने जाकर दिल्ली विश्वविद्यालय के वेंकटेश्वर कॉलेज में एडमिशन ले लिया। शादी के बाद सबसे पहले वह मेरे साथ वाइन चखना चाहती थी और हनीमून के लिए किसी समंदर वाली जगह जाना चाहती थी।"
अभिषेक दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में बतौर असिस्टेंट प्रोग्रामर काम करते हैं। दिल्ली पुलिस की डिप्टी कमिश्नर सुमन गोयल का कहना है की भावना के माता-पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। भावना को उन्होंने रविवार को सुबह अपने घर में गला घोट कर मार दिया। फिर एक जानने वाले को फ़ोन करके कहा कि भावना को सांप ने काटा है और उसे उनके अलवर ज़िले स्थित गांव में ले जाना होगा। गांव पहुंचते ही उन्होंने भावना के शरीर का दाह संस्कार कर दिया।
अभिषेक ने बताया कि भावना के माता-पिता ने उसकी सगाई नवंबर 22 को तय कर दी थी। इसलिए उन्होंने परिवार में किसी को बिना बताए शादी कर ली। उन्हें यकीन था की शादी के बाद सब ठीक हो जाएगा।
देश की राजधानी में हुए इस हादसे ने कई सवाल खड़े किए हैं। कोई ठोस आंकड़ा तो मौजूद नहीं लेकिन भारत में जाति से बाहर शादी करने के मामले में हर साल कई हत्याएं होती हैं। लेकिन इस तरह की 'सम्मान हत्या' भारत की राजधानी में होना बहुत चौंकाने वाला संकेत है।
4- प्रेमियों के साथ रहना चाहती थीं सगी बहनें, मिली मौत
यूपी में जालौन में नोन नदी में अक्तूबर महीने में बोरे में दो लड़कियों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। लड़कियों के परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए काफी बवाल काटा लेकिन बाद में जांच के दौरान जो खुलासा उससे सबके होश उड़ गए। दरअसल प्रेमियों के साथ रहने की जिद करने पर नाराज पिता ने दामाद के साथ मिलकर दोनों बेटियों की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों के शव बोरे में बंद करके नोन नदी में फेंक दिए थे।
आईजी आशुतोष पांडेय ने मामले का खुलासा किया। आईजी ने बताया कि जालौन केचुर्खी क्षेत्र के अटरा कला गांव में नोन नदी में बोरे में बंद दो लड़कियों के शव 4 अक्तूबर को मिले थे। उरई में नया नगर निवासी रामप्रकाश शुक्ला ने शवों की पहचान अपनी बेटी नीतू और वैशाली के रूप में की थी। इसके बाद दो लड़कियों की हत्या को लेकर उरई में जमकर बवाल हुआ था।
इस मामले में एसपी और तीन थानेदारों समेत छह लोग सस्पेंड हुए थे। नीतू और वैशाली जिंदा बरामद हो गई थीं। इसके बाद पुलिस छानबीन में जुटी थी कि आखिर नदी में मिले शव किन लड़कियों थे। आईजी ने बताया कि उरई पुलिस को गुरुवार को एक खबरी ने सूचना दी कि जालौन के उरई के दमा गांव निवासी जितेंद्र सिंह गुर्जर उर्फ नन्हें राजा की दो बेटियां प्रेमियों के साथ भागी थीं।
पुलिस ने उन्हें बरामद कर परिजनों को सौंपा था। वह काफी दिनों से गांव में नहीं दिखाई दे रही हैं। इसी आधार पर पुलिस टीम जितेंद्र के घर पहुंची। उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया। थाने में सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। बकौल आईजी जितेंद्र ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी आकांक्षा और अर्षिका 30 अगस्त को दो दलित लड़कों के साथ भाग गईं थी।
पहले दोनों जाम नगर गुजरात और फिर महाराष्ट्र के भुसावल पहुंच गई थी। 8 सितंबर को भुसावल जीआरपी ने दोनों लड़कियों को रेलवे स्टेशन से बरामद किया था। 9 अगस्त को उरई पुलिस के साथ परिवार वाले भुसावल गए थे। वहां पुलिस ने दो बेटियों ने उनकी सुपुर्दगी में दिया था। उन्होंने इज्जत की खातिर बेटियों के भागने की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज नहीं कराई थी।
5- ताज नगरी में हुआ इस प्रेम कहानी का अंत
अमेरिका से भारत आकर बसने वाली एक युवती की जिंदगी उसी व्यक्ति ने छीन ली जिसके साथ उसने शादी रचाई। पिछले वर्ष सितंबर में शादी रचाने वाली इस अमेरिकी युवती ने इसके लिए ताज महल को चुना था।
उसे उम्मीद थी कि ताज में शादी करने के बाद उनका प्यार हमेशा के लिए मजबूत होगा। शादी के एक महीने बाद ही अक्तूबर में उन्होंने शादी कोर्ट में रजिस्टर काराया लेकिन पांच महीने बाद अचानक ऐसा कुछ हुआ जिसके चलते खूनी कांड हो गया।
मामला यूपी के आगरा का है। पिछले साल सितंबर में ऐ अमेरिकी युवती अपने दोस्तों संग ताज महल घूमने आई। आगरा में घूमने के दौरान जिस ऑटो ड्राइवर बंटी ने उन्हें घुमाया, लड़की उसे दिल दे बैठी।
35 वर्षीय एरेने ने उससे शादी कर ली जबकि उसके दोस्त वापस लौट गए। 20 फरवरी 2014 को उनके बीच झगड़ा हुआ जिसके बाद बंटी ने उस पर चाकू से हमला बोल दिया। उसे सड़क पर तड़पती छोड़कर बंटी वहां से भाग निकला और घर जाकर खुद को आग लगा ली।
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस ने खुलासा किया कि शादी के बाद से ही दोनों ने एक-दूसरे पर शक करना शुरू कर दिया जिसके बाद उनके बीच झगड़ा होने लगा। यह भी पता चला कि बंटी ने पहले भी शादी की थी और 2008 में उसकी पत्नी की रहस्मय हालत में मौत हो गई थी। जिसकी साजिश में शामिल होने के आरोप में उसे जेल भी जाना पड़ा था।