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समलैंगिक बेटे के साथ ये क्या कर बैठा बाप?

Fri, 13 Mar 2015 01:33 PM IST
Updated Fri, 13 Mar 2015 01:33 PM IST
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father tried to kidnap his gay son and forced for marriage

समलैंगिक होने के चलते एक युवक के साथ उसके पिता ने ऐसा बर्ताव किया कि शायद ही वह उसे कभी भूल पाए। 18 वर्षीय बेटे के समलैंगिक होने से खुद को शर्मसार महसूस करने वाले पिता ने उसे किडनैप कर लिया और अपने पैतृक गांव ले जाकर जबरन शादी कराने की कोशिश की।

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मामला बर्लिन का है। नासीर अल-ए के घर वालों को उसके गे होने का पता तब चला था जब वह 15 साल का था, लेकिन उसके मुस्लिम परिवार में इसे स्वीकार नहीं किया गया।
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उसके रिश्तेदारों ने मिलकर उसे 'सही रास्ते' पर लाने के लिए साजिश रची और जबरन उसकी शादी कराने की कोशिश की। उन्होंने लड़के के पिता को इसके लिए उकसाया और उसे लेबनान स्थित पैतृक घर ले जाने की सलाह दी।
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पहले पेट्रोल डाला फिर खौलते पानी से नहलाया

father tried to kidnap his gay son and forced for marriage

डेली मेल के मुताबिक, जब नासीर ने पहली बार 2012 में अपने परिवार को गे होने के बारे में बताया तो उसे काफी डराया और धमकाया जाने लगा। उसे चाचा ने उसे पेट्रोल से नहला दिया और आग लगाने की धमकी देते हुए डराया। बाद में उन्होंने उसके ऊपर गर्म पानी डाला।

मीडिया से बातचीत में उसने कहा, "अपनी भावनाओं को छुपा नहीं सकता। मैं अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर कभी शर्मिंदा नहीं होना चाहता। उससने बताया कि उसके पिता ने खुद चाकू से उसका गला काटने की धमकी दी थी।

आखिरकार वह घर से भागने में कामयाब रहा। वहां उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर टॉर्चर किया जा रहा था। वहां से भागने के बाद उसे रहने के लिए घर और रोटी के लिए भटकना पड़ा। इसे उसने इस केस के साथ जोड़ा। आखिरकार उसे पापात्या नाम की एक संस्था ने रहने की जगह दी।

मां ने प्यार बुलाया घर, बाप और चाचा ने किया कांड

father tried to kidnap his gay son and forced for marriage

उसने बताया कि बाद में उसकी मां ने उसे घर बुलाया और किडनैप करने की योजना बनाई। उसके परिवार ने उसे चोरी से लेबनान ले जाकर शादी करवाने और उसके इलाज का प्लान भी बनाया था, लेकिन रास्ते में रोम और बल्गारिया के बॉर्डर पर प्रशासन ने उन्हें रोक लिया और वापस बर्लिन ले गए।

नासीर के पिता और दो चाचाओं के खिलाफ केस हुआ। कोर्ट ने उन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया और सभी पर 93000 रुपए (£1,000) का जुर्माना भी लगाया।

कोर्ट के बार नासीर ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि समलैंगिकता को लेकर लोगों को अपनी धारणा बदलनी होगी। उसने 'स्टॉप होमोफोविया' के लोगो और रिस्टबैंड के जरिए लोगों से इसे सपोर्ट करने की भी अपील की।

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