फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   father mother and son suicide

दंपति और बेटे का शव फांसी पर लटका मिला

Tue, 29 Oct 2013 01:35 AM IST
अमर उजाला, बरेली
अमर उजाला, बरेली Updated Tue, 29 Oct 2013 01:35 AM IST
विज्ञापन
father mother and son suicide

उत्तर प्रदेश के बरेली में बड़ा बाजार की मिर्धान गली के एक घर में बर्तन कारोबारी रह चुके नेत्रहीन राकेश अवतार गुप्ता, उनकी पत्नी रत्नेश और इकलौते जवान बेटे अखिल कुमार के शव अलग-अलग जगह फांसी के फंदे पर झूलते मिले।

विज्ञापन


दिल को झकझोर देने वाली इस सनसनीखेज घटना की जानकारी लोगों को तब हुई जब पड़ोसी ने बदबू का अहसास होने पर घर के भीतर झांककर देखा।

मौका-ए-वारदात के हालात और सुसाइड नोट मुफलिसी के कारण खुदकुशी की ओर इशारा कर रहे हैं। कुंडी लगे दरवाजे वाले जाल के भीतर माता-पिता और बाहर बेटे का शव लटका होने से यह संदेह भी पैदा हो रहा है कि कहीं हत्या के बाद इसे खुदकुशी का रूप तो नहीं दे दिया गया है।
विज्ञापन


हालांकि पुलिस ने प्रथम दृष्ट्या इसे मुफलिसी के चलते खुदकुशी ही माना है। सुसाइड नोट में बेटे का वेतन न देने वाले कई व्यापारियों को मुफलिसी और मौत का जिम्मेदार बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किला थाना क्षेत्र में नीम की चढ़ाई निवासी नेत्रहीन राकेश अवतार गुप्ता (58) बर्तन का कारोबार करते थे। धीरे-धीरे वह कर्ज में डूबते चले गए और उन्हें अपना मकान तथा दुकान बेचनी पड़ी।

साढ़े तीन साल पहले वह पत्नी रत्नेश गुप्ता और 28 वर्षीय इकलौते बेटे अखिल कुमार के साथ मिर्धान गली स्थित अपने मौसेरे बहनोई आदेश गुप्ता के खाली पड़े मकान में रहने को आ गए।

आदेश गुप्ता के घर के पीछे रहने वाले श्याम बिहारी रस्तोगी को सोमवार सुबह तेज बदबू का अहसास हुआ तो वह छत पर चढ़े। अचानक उनकी नजर राकेश गुप्ता के आंगन में पड़ी। वहां अखिल गुप्ता का शव फांसी पर लटका था।

पुलिस सीढ़ियों के सहारे आदेश के घर में जा पाई। अखिल कुमार का शव आंगन में मां की पीली साड़ी से लटका हुआ था। आंगन में लगे जाल की कुंडी अंदर से बंद थी। पुलिस ने इसे खोलकर देखा तो एक तरफ राकेश अवतार और दूसरी तरफ रत्नेश गुप्ता का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।

पास वाले कमरे की तलाशी लेने पर वहां एक सुसाइड नोट भी मिला। राकेश की विवाहिता बेटी ज्योति ने इसे मां के हाथ का लिखा हुआ बताया। इसमें कई लोगों को जिम्मेदार बताते हुए उन पर बेटे के वेतन का भुगतान न करने का आरोप लगाया गया है।


बिजली विभाग के एक जेई पर भी 15 हजार रुपये हड़पने का आरोप है। देर रात तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि राकेश के दामाद संदेश गुप्ता ने दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed