इलाहाबाद: 'सब्जी' की लड़ाई में बाप-बेटे की हत्या
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इलाहाबाद में नैनी इलाके के दक्षिणी लोकपुर में हरिश्चंद्र कुशवाहा और उनके दो बेटों को गोली मार दी गई। इनमें पिता और एक बेटे की मौत हो गई जबकि तीसरा बेटा गोली लगने से घायल है। दोहरे कत्ल से खलबली मच गई।
पुलिस ने घायल युवक को एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया। वारदात की जानकारी पाकर आईजी जोन, डीआईजी और एसएसपी समेत कई पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। शाम को पुलिस ने इस डबल मर्डर में पांच अज्ञात के खिलाफ केस लिखाया है। एफआईआर में तीन लोगों पर शक जताया गया है।
दक्षिणी लोकपुर गांव में रहने वाले हरिश्चंद्र कुशवाहा (56) खेती करते थे। परिवार में तीन पुत्र महेंद्र कुशवाहा (35), मनोज (32), आशीष (28), बेटी मंजू और पत्नी गायत्री है। इनमें महेंद्र और मनोज का ब्याह हो चुका है। बेटी की भी शादी हो चुकी है जबकि बेटा आशीष अविवाहित है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सवा दस बजे का वाकया है। मनोज अपने काम पर चला गया था। हरिश्चंद्र दो बेटों महेंद्र और आशीष के साथ घर से निकलकर खेत की ओर गया था तभी कई लोगों ने घेरकर उन पर फायरिंग कर दी।
गोलियों की आवाज से दहल गया इलाका
हरिश्चंद्र के गले और उसके बड़े बेटे महेंद्र के सीने में गोली धंसी। छोटा बेटा आशीष भागा तो उसकी पीठ में गोली मार दी गई। गोलियों की आवाज सुनकर घर से हरिश्चंद्र की पत्नी गायत्री समेत मुहल्ले वाले उधर दौड़े तो गोलियां चलाकर कई हमलावरों को भागते देखा।
गली में खून से लथपथ पड़े हरिश्चंद्र, महेंद्र, आशीष को ट्राली पर लेकर पहले अरैल मोड़ स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। मगर हरिश्चंद्र और उसके बडे़ बेटे महेंद्र की गोली लगने से मौत हो गई थी। घायल आशीष को एसआरएन अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया। एक्सरे में उसकी पीठ में गोली धंसी नजर आई है।
दोहरे कत्ल और फायरिंग से इलाके में खलबली मच गई। हरिश्चंद्र का मंझला पुत्र मनोज भी पहले घर फिर अस्पताल पहुंच गया। तमाम रिश्तेदार आ गए। खबर पाकर आईजी जोन ब्रजभूषण, डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव, एसएसपी दीपक कुमार, एसपी सिटी राजेश यादव, कई सीओ, पुलिस-पीएसी के साथ पहुंच गए। घटना के विरोध में बवाल के डर से दमकल दस्ते को भी बुला लिया गया था। घटना के बारे में कोई साफ तौर पर नहीं बता पा रहा था।
बाग में आए थे आरोपी, मिले गोलियों के खोखे
पुलिस को मौके पर प्वाइंट 32 बोर कारतूस के चार खोखे मिले। पत्नी गायत्री ने पुलिस अफसरों को बताया कि सुबह करीब आठ बजे कुछ लोग आकर घर के निकट उनके बाग से सहजन तोड़ रहे थे। उनके पति हरिश्चंद्र ने मना किया तो वे धमकी देते चले गए। फिर सवा दस बजे वही लोग फिर सहजन तोड़ने लगे।
गायत्री के मुताबिक, उन्होंने देखा तो घर के भीतर जाकर पति हरिश्चंद्र को बताया। वह दो बेटों महेंद्र और आशीष के साथ सहजन तोड़ने से रोकने गए तो उन तीनों को गोली मार दी गई। हालांकि हरिश्चंद्र के छोटे भाई अमृतलाल ने पुलिस को दी तहरीर में जमीन के विवाद के चलते कत्ल की बात लिखी है।
उन्होंने हत्या में पांच-छह अज्ञात लोगों का हाथ बताते हुए डब्बू पांडे, शकील और नाजिम पर शक जताया क्योंकि ये लोग जमीन विवाद में पहले भी धमकी दे चुके थे। पुलिस ने दो लोगों को उठाया है। हालांकि अभी कातिल नहीं धरे गए हैं।