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‘बदले की आग’ में पूरे परिवार को जलाया

Sat, 10 May 2014 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Sat, 10 May 2014 02:12 AM IST
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Family burnt alive

आगरा के लोहामंडी की वाल्मीकि बस्ती राजनगर में बदले की आग में पूरे परिवार को जिंदा फूंकने की कोशिश की गई थी। बहन के भागने के बाद भाई ने उसके प्रेमी के घर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई।

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लपटों से उसकी शर्ट भी जल गई, जिससे आरोपी का चेहरा और दोनों हाथ झुलस गए। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने जुर्म कबूल किया है। घटना में बस्ती के दो युवक भी उसके साथ थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
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आपको याद होगा, 29 अप्रैल की रात को वाल्मीकि बस्ती निवासी छोटेलाल के घर में आग लगाकर बाहर से दरवाजे की कुंडी बंद कर दी गई थी। घर में 12 लोग थे।

छोटेलाल के परिवार को जलाने में खुद भी झुलस गया

Family burnt alive

छोटेलाल का बड़ा बेटा परमानंद, पुत्रवधू पत्नी संगीता, पोते-पोती मुस्कान (12), कशिश (10), डॉली (8), रोली (7) और छह माह का मानक, दूसरा बेटा सोनू (30), पुत्रवधू नीतू और इनके बच्चे रजत, गुनगुन और नितिन आग में फंस गए थे।

मानक, मुस्कान और रोली की मौत हो गई थी, जबकि परमानंद ने दिल्ली में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। संगीता का इलाज दिल्ली में चल रहा है।

घटना वाले दिन से ही पीड़ित छोटेलाल ने अपने बेटे सनी की प्रेमिका के परिवार वालों पर आरोप लगाया था।

शाहगंज निवासी सत्यप्रकाश, मुन्नी, चंचल और उसके भाई राहुल के खिलाफ थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज कराया था। चंचल को पुलिस जेल भेज चुकी है।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, जुर्म कबूला

Family burnt alive

पुलिस ने गुरुवार को प्रेमिका के भाई राहुल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि घटना वाले दिन राजनगर में रहने वाले अन्नू और रजत ने जानकारी दी थी कि उसकी बहन सनी के घर में मौजूद है।

बाहर के कमरे में दोनों सो रहे हैं। राहुल ने बताया कि बहन और प्रेमी को जिंदा जलाने की ठान ली। शाम को पंप से ढाई लीटर पेट्रोल खरीदा। इसके बाद अन्नू और रजत के साथ कोठी मीना बाजार मैदान में शराब पी। रात तकरीबन दो बजे खिड़की से छोटेलाल के घर में पेट्रोल डाल दिया।

माचिस की तीली से आग लगा दी। अचानक तेज लपटें उठने से उसके कपड़ों में भी आग लग गई। शर्ट को नाले में फेंक दिया। रजत की शर्ट को पहनकर फतेहाबाद भाग निकला। वहीं पर अपना इलाज भी कराता रहा।

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