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हत्या, अंतिम संस्कार लेकिन जिंदा है 'वो'!

Sat, 16 Aug 2014 11:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्ती Updated Sat, 16 Aug 2014 11:45 AM IST
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Fake murder in basti

जिस शालिनी की अपहरण के बाद हत्या को हकीकत मानकर पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही थी और घर वाले अंतिम संस्कार कर चुके थे, वो करीब 20 दिन बाद सही सलामत मिल गई।

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एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि वाल्टरगंज पुलिस को वाहन चेकिंग के दौरान शालिनी सल्टौआ चौराहे पर मिली, जहां उसके साथ विनीत नामक युवक भी मौजूद था। एसपी के मुताबिक शालिनी ने घर वालों के दबाव से तंग आकर घर छोड़ने और विनीत के साथ मंदिर में शादी कर लेने की बात कही है।
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25 जुलाई की रात को यूपी के हर्रैया क्षेत्र में खैरी ओझा गांव के अधिवक्ता की बेटी शालिनी अचानक गायब हो गई। तीन अगस्त को हर्रैया थाने में शालिनी के अपहरण की तहरीर देते हुए कई नामों का खुलासा किया था लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
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इस बीच नौ अगस्त की सुबह सहजनवां थाना क्षेत्र के कसरौल गांव के पास एक किशोरी की लाश मिलने की सूचना पर पहुंचे शालिनी के घर वालों ने शिनाख्त गायब बेटी के तौर पर की और शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

किसके शव का किया था अंतिम संस्कार

Fake murder in basti

अधिवक्ता की पुत्री शालिनी के जिंदा बरामद होते ही सवाल खड़े हो गए हैं कि जिस शव को अपनी बेटी का बताकर उसके पिता ने दाह संस्कार कर दिया था, वह किसका था। इस मामले में पुलिस के खिलाफ शालिनी के अधिवक्ता पिता के साथ जिले के अधिवक्ता आंदोलित थे।

घटनाक्रम के अनुसार, 25 जुलाई की रात को हर्रैया थाना क्षेत्र के खैरी ओझा गांव के एक अधिवक्ता की बेटी शालिनी अचानक गायब हो गई। किशोरी के परिवार वालों का आरोप था कि स्कूल संचालक विनीत ने अपने भाई और बहनों की मदद से उसे अपहृत कर लिया।

बीते शनिवार की सुबह सहजनवा थाना क्षेत्र के कसरौल गांव के पास युवती की लाश मिलने की सूचना पर सहजनवा थाने पहुंचे घर के लोगों ने उसकी पहचान शालिनी के रूप में की। मर्चरी में भी पिता ने शव की पहचान अपनी पुत्री शालिनी के रूप में की। परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।

इस रहस्य का पर्दाफाश कैसे होगा?

Fake murder in basti

अब सवाल उठता है कि शालिनी के पिता ने जिस युवती के शव को अपनी बेटी शालिनी का शव बताकर गोरखपुर में ही अंतिम संस्कार कर दिया, वह किसका शव था, इस रहस्य का पर्दाफाश कैसे होगा यह बड़ा सवाल है।

इस सवाल पर एसपी वीपी श्रीवास्तव ने कहा कि जो हुआ बहुत गलत हुआ। इस मामले की विवेचना सहजनवा पुलिस करेगी। अभी तक तो वह यह मानकर चल रही थी कि शव शालिनी का है, उसने इसी को आधार बनाकर मुकदमा भी पंजीकृत किया था। अब जांच की दिशा बदलेगी।

गुरुवार को दोपहर में एसपी के सामने दोनों पेश किए गए। शालिनी ने बताया कि उसके पिता उसे प्रताड़ित करते थे। वह विनीत के साथ मंदिर में शादी कर चुकी है। उसकी उम्र 18 साल से अधिक है। वहीं विनीत ने कहा कि समाचार पत्रों में शालिनी के शव पाए जाने की खबर सुनकर वह अवाक रह गया था।

कानूनी सलाह के बाद तय होगी जवाबदेही

Fake murder in basti

एसपी वीपी श्रीवास्तव ने कहा कि शालिनी के पिता दिनेश चंद्र ओझा ने हर किसी को गुमराह किया। अपने अधिवक्ता साथियों के साथ ही उन्होंने पुलिस और मीडिया को भी गुमराह किया। उन्होंने दूसरे के शव को अपनी बेटी का बताकर अंतिम संस्कार किया, यह जांच का विषय है।

कानूनी सलाह के बाद उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। बार एसोसिएशन को भी सच्चाई बता दी गई है। वह भी शालिनी के अधिवक्ता पिता पर कार्रवाई करने जा रहा है।

पूछताछ में पता चला कि शालिनी और विनीत के बीच एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी कारण लड़का घर छोड़कर मुंबई चला गया। लड़की ने उसे फोन कर बताया कि उसके माता-पिता उसकी शादी कहीं अन्य करने वाले हैं।

लड़की को उसके घर से भगा ले गया

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यह सुनकर लड़का वापस आ गया और गोरखपुर गीडा में आरएमसी प्लांट में कार्य करने लगा। सहजनवा के बोक्टा मोहल्ले में वह किराये के मकान में रहने लगा। 25 जुलाई को दोनो के बीच मोबाइल पर बात हुई और लड़की को उसके घर से भगा ले गया।

शालिनी के रहस्यमय और बेहद पेचीदे प्रकरण का विवेचना मिलने के चंद घंटों बाद खुलासा कर विनीत के साथ शालिनी को बरामद करने वाली टीम को एसपी वीपी श्रीवास्तव ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। इसके डीआईजी लक्ष्मीनरायन ने भी पुलिस टीम को पारितोषिक देने की घोषणा की है।
यूपी में क्यूं नहीं थम रही ऐसी दरिंदगी?

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