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नकली नोट चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 दबोचे गए

Sun, 28 Feb 2016 08:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा Updated Sun, 28 Feb 2016 08:00 PM IST
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fake currency gang busted in Banda, five accused arrested

यूपी के बांदा के नरैनी में कोतवाली पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों से 74,500 रुपये की करेंसी बरामद करने की बात बताई जा रही है। गिरोह के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े होने की आशंका जताते हुए आईबी और एटीएस को सूचना दी गई है।

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कोतवाली प्रभारी केएन सिंह ने बताया कि करतल कस्बा के एक परचून व्यापारी ने उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पांच सौ रुपये का नकली नोट देने की सूचना दी। एसआई केबी सिंह, करतल चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह और पुलिस बल के साथ परचून व्यापारी के यहां पहुंच कर रियाजुद्दीन पुत्र एहतशामुद्दीन (छिपटहरी, बांदा) को 5500 रुपये जाली नोट के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के मुताबिक रियाजुद्दीन की निशानदेही पर इसके सरगना घनश्याम गुप्ता और राम गोपाल गुप्ता पुत्र केदारनाथ गुप्ता (बांदा रोड, अतर्रा), जुबरेल पुत्र इस्लाम (छिपटहरी, बांदा), कमलेश अवस्थी पुत्र रमाशंकर (कनवारा, बांदा) को गिरफ्तार कर लिया।
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इनके कब्जे से 74,500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इनमें अधिकांश नोट पांच सौ और कुछ एक हजार के थे। सर्विलांस के जरिये मोबाइल फोन के कॉल डिटेल से पता चला कि आरोपियों को पश्चिम बंगाल का मालदा निवासी अब्दुल मतीन उर्फ मिथुन नकली नोट सप्लाई करता था। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया।


जांच के लिए नकली नोट लखनऊ भेजे गए हैं। पुलिस के मुताबिक नकली नोट बांग्लादेश सीमा से आईएसआई (पाकिस्तान) से यहां भेजती थी।

नकली नोट मामले का सरगना अतर्रा निवासी घनश्याम गुप्ता को वर्ष 2014 में कोतवाली पुलिस ने नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। बदौसा पुलिस ने एक डीसीएम में भरा गांजा बरामद कर जेल भेजा था। इस मामले में उसे 10 साल की सजा हो चुकी है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आसपास के जिलों में उसका आपराधिक इतिहास तलाशा जा रहा है।

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