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वेटर से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट तक, दयानायक कैसे बने सुपर कॉप

Sat, 04 Jul 2015 04:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 04 Jul 2015 04:54 PM IST
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encounter specalist dayanayak was suspended

देश के जाने माने और विवादित एंकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक को महाराष्ट्र पुलिस से फिर सस्पेंड कर दिए गए क्योंकि उन्होंने अपनी नई पोस्टिंग जो कि नागपुर में होने वाली थी, उसे ज्वाइन नहीं किया।

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उन्हें नागपुर में अपनी फैमिली की सुरक्षा का डर था। दया इससे पहले भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए थे जिसके बाद करीब छः साल तक निलंबित रहे हैं।
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दया ने 1990 के दौर में 80 से ज्यादा अंडरवर्ल्ड के गैंग्सटर्स को मार गिराया था। दया की असल जिंदगी की शुरुआत कन्नड़ मीडियम से क्लास सेवेंथ खत्म खत्म करने के बाद शुरु हुई। दया 1979 में मुंबई आ गए।
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स्ट्रीट लाइट की रोशनी में करते थे पढ़ाई

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(फोटो हिन्दुस्तान टाइम्स से साभार)

बड्डा और राधा नायक के बड़े पुत्र दया ने अपनी जिंदगी के लगभग तीन दशक तक बहुत ही सामान्य जीवन जिा लेकिन ये किसी को नहीं पता था कि दया का आने वाला कल एक जाने माने और विवादित पुलिस अफसर के रुप में होगा।

दया मुंबई में आने के बाद एक होटल में वेटर का काम करते थे और स्ट्रीट लाइट की रोशनी में अपनी पढ़ाई करते थे। दया ने अपनी बारहवीं की पढ़ाई गोरेगांव से पूरी की और अंधेरी के कॉलेज से अपना ग्रेजूएशन पूरा किया।

ग्रेजूएशन के बाद वो प्लंबर का काम कर रहे थे, जिस दौरान वो नार्कोटिक्स के कुछ अफसरों से मिले। उसी के बाद से उनके जहन में पुलिस अफसर बनने का पौधा उग गया।

पहला एंकाउंटर 1996 में

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ग्रेजूएशन के बाद वो प्लंबर का काम कर रहे थे, जिस दौरान वो नार्कोटिक्स के कुछ अफसरों से मिले। उसी के बाद से उनके जहन में पुलिस अफसर बनने का पौधा उग गया।

जिसके बाद 1995 में पुलिस एकेडमी से ट्रेनिंग मिलने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग जूहू में सब इंस्पेक्टर के पद पर हुई। उसी दौर में अण्डरवर्ल्ड अपने चरम पर था। 1996 में दया ने अपना पहला इंकाउंटर किया था।

जिसमें छोटा राजन गैंग के दो गुर्गे शामिल थे। धीरे धीरे ये आंकड़ा 83 तक पहुंच गया। पश्चिम अंधेरी के लोखंडवाला में एक कॉफी शॉप में दया आप को अपनी ए 38 रिलाल्वर और 9 एमएम पिस्टल के साथ दिख जाएंगे।

अपने गांव में खोला है स्कूल

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यूं तो लोग उन्हें बहुत इज्जत देते थे, लेकिन जनवरी 2002 में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज होने के बाद लोगों में उनकी छवि धूमिल हो गई। दया ने अपने पैतृक गांव येनहोल में एक स्कूल भी खोल रखा है। जो उनकी मां के नाम से है।

स्कूल को बनाने के लिए दया को कई बॉलीवुड सितारों की मदद भी मिली थी। स्कूल का उद्घाटनअमिताभ बच्चन ने किया था। और स्कूलके के कार्यक्रम में एम.एफ हुसैन, आफताब शिवदासानी, सुनील शेट्टी जैसी बड़े बॉलीवुड के सितारे आए थे ।फिलवक्त इस स्कूल को कर्नाटक सरकार को सुपुर्द कर दिया गया है।

अब इसे राधा नायक गवर्नमेंट स्कूल के नाम से भी जाना जाता है जब दया पर लगे सारे विवाद फीकेपड़ने लगे तो पुलिस कमिश्नर एम.एन. सिंह ने उन्हें फोर्स का सबसे बेहतरीन ऑफिसर कहा था। 2004 तक उन्होंने कुल 300 लोगों को गिरफ्तार किया था और 30 गैंगस्टर्स का एनकाउंटर किया।

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