भूकंप पीड़ितों को गंदे धंधे में धकेलने का खुलासा, कोठों में मिलीं लड़कियां
नेपाल में आया भूकंप वहां की नाबालिग लड़कियों की इज्जत लूटने का बहाना भी बन गया है। गरीबी-लाचारी में इन्हें नौकरी का झांसा देना आसान हो गया है। मानव तस्कर यही धोखा देकर इन्हें भारत के विभिन्न शहरों के कोठों पर बेच रहे हैं।
इसका खुलासा सोमवार को आगरा के कश्मीरी बाजार में पड़े छापे में तीन नेपाली किशोरियों को मुक्त कराए जाने के बाद हुआ। दो नाबालिग समेत सात अन्य लड़कियां भी मुक्त हुईं। एक दलाल, तीन कोठा संचालिकाओं समेत कुल 20 लोग पकड़े गए।
सामाजिक संगठन रेस्क्यू फाउंडेशन की दिल्ली शाखा के जांच अधिकारी संतोष सेधाई की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। संतोष सेधाई संतोष ने बताया कि भूकंप के बाद नौकरी दिलाने के बहाने नेपाल से छह लड़कियों को आगरा लाकर जबरन देह व्यापार में धकेले जाने की उन्हें जानकारी मिली थी।
तीन कोठों से मिली 10 लड़कियां
एक महीने की रेकी में सूचना की पुष्टि हुई। तब वह फाउंडेशन के राजेश चतुर्वेदी और ऊषा सिंह के साथ एसपी क्राइम को इसकी जानकारी दी। सीओ छत्ता के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कश्मीरी बाजार के तीन कोठों पर छापा मारा।
दो पर बाहर से ताला लगा था। इनमें पुलिस सीढ़ी लगाकर घुसी। एक कोठे से चार, दूसरे से तीन और तीसरे से तीन लड़कियों को मुक्त कराया। वहां से 17 ग्राहक भी पकड़े गए।
संतोष सेधाई ने बताया कि जिन तीन नेपाली किशोरियों को मुक्त कराया गया है, वे नेपाल के सिंधपाल चौक और नुआकोट की रहने वाली हैं। यहां पर भूकंप से भारी तबाही हुई थी। इनका भी घर-बार नष्ट हो गया। कुछ लोग तीनों को नौकरी का झांसा देकर यहां लाए और आगरा में बेच दिया। उनसे अभी उनसे और पूछताछ होनी है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।