नशे में धुत चाची ने भतीजे को मारने का किया प्रयास
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में नशे में धुत एक चाची द्वारा भतीजे की जान लेने के प्रयास का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। भतीजा इंसेफलाइटिस का मरीज है और पिछले एक पखवारे से इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती है।
डॉक्टरों की ओर से दी गई सूचना के बाद पुलिस आरोपी चाची को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पिपराइच थानाक्षेत्र के गोलावा गांव के रहने वाले वाले भोला का तीन वर्षीय बेटा निरहुआ 15 जुलाई को इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती हुआ।
डॉक्टरों के मुताबिक वह एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से पीड़ित है। शुक्रवार को देवरिया के रामपुर कारखाना से निरहुआ की चाची हसीना और दादी चानी देवी उसे देखने मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। निरहुआ को देखने के बाद दोनों उसकी मां सुशीला देवी के साथ बाहर आईं और शराब पी। शराब पीने के बाद दोनों फिर वार्ड में पहुंचीं।
ऑक्सीजन मास्क हटाकर मारने का किया प्रयास
बातचीत के दौरान उनमें किसी बात को लेकर विवाद हो गया। नाराज हसीना शाम पांच बजे वार्ड में गई और निरहुआ का ऑक्सीजन मॉस्क हटाने लगी। उसकी यह हरकत देख डॉक्टर सकते में आ गए और उसे तत्काल मरीज से अलग करके इसकी सूचना पुलिस को दी।
मेडिकल चौकी के सिपाहियों ने हसीना को हिरासत में ले लिया। माहौल खराब देखकर चानी देवी और निरहुआ की मां सुशीला फरार हो गईं। पुलिस के मुताबिक सभी ने शराब पी रखी थी, इसलिए सुशीला और चानी ने मौके से भाग जाने में ही भलाई समझी।
इस बीच किसी ने जानकारी दी कि सुशीला 14 नंबर मेडिसिन वार्ड में भर्ती है लेकिन वहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि एक औरत आई जरूर थी लेकिन उसने काफी शराब पी रखी थी। उससे पर्ची बनवाकर आने को कहा गया तो वह वापस नहीं लौटी। एसओ गुलरिहा जयवर्धन सिंह ने बताया कि मामला बहुत गंभीर नहीं है। फिलहाल हसीना नाम की महिला से पूछताछ की जा रही है।