'हैलो! हम तुम्हें मारने आए हैं'
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उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद जिले का लोनी इलाका एक घंटे में दो हत्याओं से थर्रा उठा। एक प्रॉपर्टी डीलर को उसी के घर में भाड़े के दो हत्यारों ने पिस्टल से गोलियां दागकर मौत के घाट उतार दिया।
वहीं दूसरे प्रॉपर्टी डीलर को फोन कर घर से बुलाया गया। बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेतकर शव को बोरे में बंदकर सड़क किनारे फेंक दिया। दोनों ही मामलों में पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
वारदात एक: दनादन मार दीं पांच गोलियां
बागपत जिले के लूम गांव के निवासी सतीश गुप्ता (55) परिजनों के साथ करीब 25 वर्ष से लोनी में रह रहे थे। रविवार रात 8.25 बजे वह अपने घर में खाना खा रहे थे। इसी दौरान दो नकाबपोश बदमाश उनके घर पहुंचे और उन्हें आवाज लगाकर बाहर आने को कहा।
गुप्ता के कहने पर उनकी पत्नी सुंदर देवी ने कमरे का दरवाजा खोला तो एक बदमाश अंदर आ गया जबकि दूसरा बाहर खड़ा रहा। सुंदर देवी ने बताया कि कमरे में पहुंचते ही बदमाश उनके पति से बात करने लगा। इसी दौरान गुप्ता ने उसे खाना खाने के बाद बात करने को कहा।
इस पर बदमाश ने गुप्ता से कहा कि तुम्हें मारने के लिए हमें भेजा गया है। और फिर उसने पिस्टल से गोलियां दागनी शुरू कर दी। एक गोली गुप्ता की हथेली में, दूसरी गले पर, तीसरी माथे पर और दो गोलियां पेट में लगीं। वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
वारदात को अंजाम दे फरार हुए बदमाश
पत्नी के शोर मचाने पर बदमाश भाग गए। अस्पताल ले जाते समय गुप्ता की रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।
गुप्ता के परिजनों ने बताया कि वह अक्सर दूसरों के झगड़ों को पंचायत कर निपटाते रहते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा पुत्र संदीप एवं राजीव हैं। जबकि दो बेटियों की शादी हो चुकी है।
थाना प्रभारी गोरखनाथ यादव ने बताया कि बीते दिनों कॉलोनी के ही जोगेंद्र की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ नकदी और जेवरात लेकर किसी के साथ चली गई थी, जिसमें आरोपियों के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक सौ वर्ग गज के भूखंड को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। गुप्ता दोनों ही मामलों में पैरवी कर रहे थे।
वारदात दो: 'घर से गए लेकिन लौटे नहीं पापा'
अलीगढ़ निवासी गोपाल उर्फ दिलीप (45) करीब 22 वर्षों से लोनी की सरल कुंज कॉलोनी में रहते थे। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे।
उनके बेटे मनीष ने बताया कि रविवार देर शाम 7.30 बजे उसके पिता के मोबाइल पर किसी का फोन आया था। वह दो मिनट में वापस आने के लिए बोलकर घर से निकले थे, लेकिन सारी रात वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया।
सोमवार सुबह उनका शव दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर आर्यनगर औद्योगिक क्षेत्र में नाले के पास मिला। बदमाशों ने उनकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद कर फेंक दिया था।
मनीष ने बताया कि उन्होंने दो दिन पूर्व ही एक अंडे वाले का दो लाख रुपए दिए थे। परिजनों ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।