जिसे भाई मानती थी, उसने कर दिया बर्बाद
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रेनू बाला को नहीं मालूम था कि जिसे वह भाई मानती है वही उसकी जिंदगी खत्म कर देगा। पुलिस के मुताबिक, विजयपाल ने दरवाजा पीटा और कहा बहन जी दरवाजा खोलो। आवाज सुनकर रेनू बाला ने दरवाजा खोल दिया।
विजयपाल और इमरान क्वार्टर के अंदर प्रवेश कर गए। रेनू बाला ने देर रात आने का कारण पूछा तो विजयपाल ने कहा कि प्यास लगी है, पानी पीने के लिये रुक गये। रेनू बाला तत्काल पानी लेने गई।
इसी दौरान कलुवा और उसका दूसरा साथी भी घर में आ गए। चारों ने दरवाजा बंद लूटपाट शुरू कर दी। अर्चना को तमंचा दिखाकर शांत कर दिया गया था। जबकि रेनू बाला ने लूटपाट का विरोध किया।
मुंह बोला भाई निकला मास्टर माइंड
उसने विजयपाल को कई थप्पड़ भी मारे। वह आसानी से काबू में नहीं आ रही थी। तो कलुवा ने तमंचे से गोली चला दी, जो दीवार में लगी।
इससे मां बेटी सहम गईं। फिर इमरान ने रेनू बाला के दोनों पैर बांधने के बाद उसके दोनों हाथ पीछे बांध दिए और मां बेटी का गला घोटकर हत्या कर दी गई। लूटपाट के बाद चारो फरार हो गए। कलुवा ने वहां शराब भी पी थी। बाद में उसने बोतल तोड़ दी थी।
यूपी के हापुड़ रेलवे कालोनी में रेलवे गार्ड राजकमल की पत्नी और बेटी की हत्या कर लूटपाट के मामले का खुलासा पुलिस ने बुधवार को कर दिया। वारदात लूट के लिए ही अंजाम दी गई थी।
काबू में न आने पर मां-बेटी को मार डाला था
घटना का मास्टर माइंड गार्ड की पत्नी का मुंहबोला भाई विजयपाल निकला। उसने ही सारी योजना बनाई और अपने साथियों के साथ लूटपाट करने पहुंच गया। पुलिस ने वारदात में शामिल विजयपाल और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लूटे गए गहने बरामद किए हैं।
पकड़े गए आरोपियों ने कबूल किया है कि गार्ड की पत्नी और बेटी लूटपाट का विरोध कर रही थीं, इसलिए उन्हें मार दिया गया था। वारदात में शामिल दो आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। इन सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करने में कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की अहम भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक एम पी सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि रेलवे कालोनी गार्ड राजकमल की पत्नी रेनू बाला और उनकी विवाहित पुत्री अर्चना की हत्या कर लूटपाट करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दो लुटेरे गिरफ्तार, लूटे गए गहने और सामान बरामद
पकड़े गए बदमाशों में गांधी विहार में नाई की दुकान चलाने वाला विजयपाल उर्फ टीटू निवासी खटकी थाना परीक्षतगढ़, मेरठ और इमरान पुत्र इकरामुद्दीन निवासी रेलवे क्वार्टर हापुड़ हैं। वारदात में शामिल कलुवा पुत्र सतपाल गिरी निवासी खटकी थाना परीक्षतगढ़ जनपद मेरठ और एक अन्य आरोपी फरार हैं।
दोनों की गिरफ्तारी को टीमें लगी हैं। आरोपियों के कब्जे से सोने की अंगूठी, मंगलसूत्र, एटीएम कार्ड एवं मृतका अर्चना का मतदाता पहचान पत्र बरामद हुआ है। एसपी के मुताबिक, विजयपाल सिंह गार्ड राजकमल के दूसरे मकान में किराये पर रहता था।
विजयपाल को रेनू बाला ने मुंह बोला भाई बनाया हुआ था। उसने अर्चना की शादी में भात भी दिया था। उसका गार्ड के घर आना-जाना था। इसी शातिर ने लूट की योजना बनाई और साथियों संग वारदात करने पहुंच गया।
सर्विलांस की मदद से घिरे आरोपी
विजयपाल और इकरामुद्दीन की पत्नी एक ही गांव खटकी की रहने वाली हैं। एसपी ने बताया कि विजयपाल को रुपये की जरूरत थी। उसने गार्ड के घर गहने देखे थे। अपने साथियों संग योजना बनाकर वह गार्ड के घर पहुंचा।
बहन पुकार के उसने दरवाजा खुलवाया। फिर उसके साथियों ने तमंचों के बल पर रेनू बाला और अर्चना को काबू में कर लिया। चारों ने मिलकर वहां लूटपाट की और हत्या कर निकल भागे।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपियों को गिरफ्त में लिया। अपर पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि गार्ड की पत्नी और बेटी की हत्या के बाद गार्ड का बेटा दीपांशु जैसे ही बालाजी से लौटा तो उससे बातचीत की गई। उसने बताया कि विजयपाल सिंह और इकरामुद्दीन का आना जाना है। इसके बाद पुलिस ने विजयपाल के मोबाइल को सर्विलांस में लगाया और सुराग मिल गए।