80 हजार में खरीदी 'दासी', घर में कैद कर सगे भाई करते थे दुष्कर्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के गभाना में तकरीबन दो महीना पहले पश्चिम बंगाल के 24 परगना से काम दिलाने के बहाने बहलाकर लाई गईं दो बहनों में से एक को चंडौस के गांव नवाबपुर से बरामद किया गया है। ये बहनें गांव के दो सगे भाईयों को बेच दी गई थीं।
जिन्हें वे दासी बनाकर घर में नजरबंद रखते थे और दुष्कर्म किया करते थे। किसी तरह पिता को सूचना मिलने के बाद दिल्ली के एक एनजीओ की मदद से स्थानीय पुलिस उनमें से एक को मुक्त कराने में सफल रही। दूसरी लड़का का अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। इस मामले के आरोपी सगे भाई फरार हैं।
घटनाक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल के दक्षिण जिला 24 परगना थाना जीवनटला के गांव हेतेमारी निवासी गरीब परिवार की युवती को पड़ोसी गांव पोटखाली निवासी गोविंदो ने कोठियों में काम दिलाने के बहाने करीब दो महीना पूर्व दिल्ली ले आया था। युवती के साथ उसकी एक नाबालिग बहन भी आई थी।
विरोध करने पर किया जाता था बलात्कार
बताते हैं कि युवती व उसकी बहन को चंडौस के गांव नवाबपुर निवासी सगे भाई शिवकुमार व मेघश्याम को 80 हजार रुपये में बेच दिया गया। दोनों भाई बड़ी बहन को तो अपने साथ गांव ले आए, पर छोटी को कहीं और भेज दिया।
गांव आने पर युवती को दासी बनाकर रखा जाता था। विरोध करने पर बंधक बनाने से लेकर मारपीट एवं दुष्कर्म किया जाता था। युवती जब अधिक परेशान हो गई तो एक दिन मौका पाकर उसने किसी तरह अपनी आपबीती अपने पिता को फोन पर सुनाई।
इसके बाद उसका पिता पहले दिल्ली पहुंचा और एक एनजीओ की मदद से बुधवार की शाम अलीगढ़ के एसएसपी से संपर्क किया। इसके बाद मामले के संबंधित जरूरी निर्देश एसओ चंडौस को दिए गए। देर रात पुलिस ने युवती को गांव से बरामद कर लिया, पर दोनों भाई भागने में सफल रहे।
युवती की डॉक्टरी आदि कराने के बाद पिता को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस युवती की छोटी बहन की तलाश में है। एसओ चंडौस सुरेश बाबू यादव ने बताया कि युवती की ओर से गोविंदो, शिवकुमार व मेघश्याम पर दासी की तरह रखने, बंधक बनाने व दुष्कर्म आदि धाराओं का मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।