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इलाहाबाद: शिक्षक की हत्या के बाद बवाल

Thu, 25 Sep 2014 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तिलई बाजार (इलाहाबाद)
ब्यूरो/अमर उजाला, तिलई बाजार (इलाहाबाद) Updated Thu, 25 Sep 2014 01:58 AM IST
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disturbance in allahabad after murder of teacher.

इलाहाबाद में गंगापार के मऊआइमा थाना क्षेत्र के बादलपुर गांव के पास बुधवार तड़के भूमि विवाद में प्राथमिक स्कूल के शिक्षक की गोली मारकर दी गई। घटना के बाद भारी बवाल हो गया। ग्रामीणों ने दोनइया-मऊआइमा मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।

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मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स पर पथराव भी किया गया। करीब छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी ने जब एसओ को लाइन हाजिर और दरोगा-मुंशी को सस्पेंड किया तब जाकर भीड़ शांत हुई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। गांव में भारी तनाव के बीच फोर्स तैनात कर दी गई है।
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मऊआइमा थाना क्षेत्र के गमरहवा गांव के रहने वाले प्रताप बहादुर यादव जमहा स्थित गांधी स्मारक इंटर कालेज में शिक्षक हैं। उनके तीन बेटों में बड़े मनोज कुमार यादव (37) प्राथमिक विद्यालय मडार विकास खंड मांडा में शिक्षक थे। मनोज इससे पहले प्रा. वि. बसरही बहरिया में शिक्षामित्र थे। हाल में ही उनका समायोजन शिक्षक के तौर पर हुआ था। बुधवार तड़के मनोज रोज की तरह अपनी बाइक से स्कूल के लिए निकले। वह बगल गांव बादलपुर में नाले के पास पहुंचे ही थे कि उन पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने उन्हें एक के बाद तीन गोलियां मारीं। जब वे गिरे तो उनके पेट और पीठ पर दो वार चाकुओं से भी किए गए।
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ग्रामीणों ने किया फोर्स पर पथराव

disturbance in allahabad after murder of teacher.

गोली की आवाज सुनकर आसपास के कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। खून से लथपथ मनोज को देखकर उनके घरवालों को बताया। कुछ देर में वहां भीड़ लग गई। मनोज के गांव के लोगों ने एसओ मऊआइमा देवेंद्र सिंह के सीयूजी नंबर पर कॉल की। आरोप है कि आधे घंटे लगातार फोन के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसी से ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। घटना के करीब पौने दो घंटे बाद थाने से दरोगा शैलेश सिंह सिपाहियों के साथ पहुंचे तो ग्रामीणों ने फोर्स पर पथराव कर दिया। दरोगा और सिपाही घायल हो गए। उन्हें वहां से भागना पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनइया-मऊआइमा मार्ग पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया।

ग्रामीण मनोज के परिजनों को 50 लाख मुआवजे और पत्नी को नौकरी की मांग कर रहे थे। इस बीच गंगापार के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। एसपी गंगापार शफीक अहमद और सीओ भी एसडीएम के साथ पहुंच गए। ग्रामीण पुलिस पर आरोप लगाते हुए किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं थे। दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे एसएसपी दीपक कुमार पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एसओ देवेंद्र सिंह को लाइन हाजिर और दरोगा कृष्णमुरारी और मुंशी को सस्पेंड करने के आदेश दिए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

मनोज के भाई की तहरीर पर पट्टीदार लालमणि, उसके दो बेटे अक्षय व प्रमोद, जगदीश प्रसाद और रमेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके अलावा सुखीलाल, उसकी पत्नी लालती और लालमणि की पत्नी राजरानी को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक दोनों परिवारों के बीच भूमि विवाद चल रहा था। पहले भी झगड़ा हो चुका था।

इसी विवाद में हत्याकांड को अंजाम दिया गया। आरोपी घर छोड़कर भाग गए हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

पहले से था दोनों पक्षों में तनाव

disturbance in allahabad after murder of teacher.

यूं तो प्रताप बहादुर और उनके पट्टीदार लालमणि के बीच जमीन के कई टुकड़ों को लेकर विवाद था लेकिन ताजा मामला ट्यूबवेल की जमीन को लेकर हुआ था। जिस जमीन पर ट्यूबवेल था, उस पर दोनों पक्ष दावा कर रहे थे। कब्जा लालमणि के परिवार का था। विवाद के बाद से ही वहां ताला बंद था। मनोज कुमार यादव की शिकायत पर मंगलवार को नायब तहसीलदार और लेखपाल मौके पर पहुंचे थे। जमीन की नापजोख के बाद उन्होंने मनोज का दावा सही पाया और ताला खुलवा दिया। इसी बात पर लालमणि का परिवार भड़क गया था। मंगलवार शाम तक प्रशासन की कार्रवाई चली है। बुधवार की सुबह मनोज की हत्या कर दी गई।

मई में भी हो चुकी थी हत्या के प्रयास की घटना

प्रताप बहादुर और लालमणि के परिवारों के बीच 13 मई 2014 को खूनी संघर्ष हो चुका है। ट्यूबवेल की जमीन को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए थे। लालमणि के पक्ष के लोगों ने प्रताप बहादुर के परिजनों पर हमला कर दिया था। इस मामले में लालमणि के परिवार के लोगों के खिलाफ धारा 307, 323, 504, 506, 147 और 148 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना मऊआइमा के दरोगा कृष्णमुरारी को दी गई थी। आरोपी है कि दरोगा ने दूसरे पक्ष से मिलकर इस मामले में एफआर लगा दी थी। इसी कारण हमलावरों का मन और बढ़ गया। दरोगा कृष्णमुरारी और मुंशी को इसी लापरवाही के कारण एसएसपी ने सस्पेंड किया।

हर कदम पर पुलिस की लापरवाही
मनोज हत्याकांड के बाद ग्रामीणों के आक्रोश का सबसे बड़ा कारण पुलिस की लापरवाही थी। जमीन के इस विवाद में पहले तो दरोगा पर एक पक्ष से मिलकर एफआर लगाने का आरोप लगा। उसी मामले में मुंशी ने रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली की। बुधवार को मनोज की हत्या के बाद एसओ ने आधा घंटे तक फोन ही नहीं उठाया। इन्हीं सब गड़बड़ियों के कारण एसओ को लाइन हाजिर और दरोगा व मुंशी को लाइन हाजिर किया गया।

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