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'रिश्वत के पैसे वापस मांगे तो बड़े अधिकारी ने तेजाब फेंक दिया'

Fri, 19 Feb 2016 01:15 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा Updated Fri, 19 Feb 2016 01:15 PM IST
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district programme officer is accused of acid attack in Mahoba

यूपी के महोबा में जिला कार्यक्रम अधिकारी पर बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री पर कार्यालय में एसिड फेंकने का आरोप है। महिला का हाथ झुलस गया है। बगल में खड़ी दो अन्य महिलाओं पर भी एसिड के छींटे पड़े। तीनों को अस्पताल लाया गया। सुरक्षा की दृष्टि से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पास महिला पुलिस को लगाया गया है।

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कस्बा राठ निवासी गायत्री वर्ष 2010 में आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर तैनात थीं। ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर हमीरपुर में तैनात तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने इन्हें बर्खास्त कर दिया था।
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वर्ष 2012 में जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल स्थानांतरित होकर महोबा आ गए। गुरुवार को रामजानकी और रेखा निवासी राठ ने आरोप लगाया कि हमीरपुर में जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर रहते हुए रामेश्वर पाल ने आंगनबाड़ी के पद पर नौकरी देने के नाम पर 40-40 हजार रुपये वसूले थे। नौकरी नहीं दी। पैसे भी वापस नहीं हुए।

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आरोपी अधिकारी को क्लीन चिट

district programme officer is accused of acid attack in Mahoba

गायत्री ने बताया कि गुरुवार को वह बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ महोबा आई थीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल के कार्यालय में उनसे नौकरी के लिए ली गई रिश्वत के पैसे वापस मांगे। डीपीओ ने पैसा देने के बजाए उनके ऊपर एसिड फेंक दिया। इससे गायत्री का हाथ झुलस गया।

उन दोनों (रामजानकी और रेखा) के हाथों पर तेजाब के छींटे पड़ने से जगह-जगह त्वचा झुलस गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जांच अधिकारी सीओ सदर ने पड़ताल के बाद प्रथम दृष्टया डीपीओ को क्लीन चिट दे दी है।

पुलिस के मुताबिक मामले की जांच की गई है। कोई भी अधिकारी अॅफिस में एसिड लेकर नहीं जाता है। आसपास के कार्यालय के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने बताया कि बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री हाथ में एसिड की बोतल लेकर आई थीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने एसिड नहीं डाला है।

वहीं आरोपी अधिकारी की मानें तो आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री की कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में हमीरपुर में नौकरी के दौरान 2010 में सेवा समाप्त कर दी थी। इसी खुन्नस में उसने गुरुवार को कार्यालय आकर अपने हाथ पर एसिड डाल लिया। इसके बाद तीनों महिलाएं कार्यालय में हंगामा करने लगीं। मैंने तत्काल पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने महिला को अस्पताल भेज दिया।

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