उसने शराब से जलाया था छात्रा का चेहरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ में छात्रा दिवोल्का की हत्या सुनियोजित थी। पेशेवर अंदाज में वारदात को अंजाम दिया गया। राज छिपाने के लिए आरोपी सावन जैन तीन दिनों तक पुलिस को अपनी उंगलियों पर नचाता रहा। लाश को जगह बदलकर ठिकाने लगाया (पुलिस इसे नहीं मान रही)। पहचान छिपाने के लिए छात्रा का चेहरा भी बुरी तरह बिगाड़ दिया, लेकिन पुलिस ने सावन को रिमांड पर लेने की जरूरत ही नहीं समझी।
प्रोफेसर की बेटी की हत्या निर्ममता से की गई। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके चेहरे को इस कदर बिगाड़ा गया था कि उसकी पहचान न हो सके। किसी रस्सी या कपड़े से गला तब तक कसा गया, जब तक छात्रा ने दम नहीं तोड़ दिया। दरिंदगी की हद पार करते हुए चेहरा पेंचकस से गोद दिया गया। छात्रा का जबड़ा और गले की दोनों हड्डियां टूटी मिलीं। अंदेशा यह भी है कि चेहरे पर शराब डालकर उसे जलाया गया, ताकि शिनाख्त की कोई गुंजाइश न रहे।
यही नहीं, छात्रा के शरीर के अन्य हिस्सों पर भी नीले और जख्म के निशान बयां कर रहे थे, जैसे उससे जहर से बुझी दुश्मनी हो। जिस पेशेवर तरीके से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया, उससे नहीं लगता कि यह 18 साल के किसी युवा ने अकेले किया हो। इसके पीछे बेहद शातिर दिमाग रहा और शुरू से अंत तक सिर पर शैतान सवार रहा।
नाटकीय दलील की लकीर पीट रही पुलिस
पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी सावन से तीन दिनों तक जिस अंदाज में पूछताछ की, वह किसी से छिपी नहीं है। पुलिस की दलील मानें तो सावन ने पूछताछ में बताया कि दूसरे समुदाय के लड़के से दोस्ती निभाने से चिढ़कर उसने छात्रा पर हमला बोला था। उसने एक हाथ से छात्रा का मुंह भींचा और दूसरे से गला दबाया। उसे मरा समझकर वहां छोड़कर भाग आया था।
सावन ने कहा और पुलिस ने इस नाटकीय दलील को मान भी लिया। उसे अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए कोर्ट में पेश कर दिया। इस आधे सच से पर्दा उठाने के लिए सावन की रिमांड भी नहीं मांगी।
गजब पुलिस का अजब राग:
इसकी भी पुलिस ने अजब दलील दी है कि आरोपी सावन ने पूछताछ में जो बताया, वह अभी तक की जांच में सही पाया गया। इसलिए उससे आगे पूछताछ करने की जरूरत महसूस नहीं हुई। हालांकि, विवेचना के दौरान यदि कोई बरामदगी की जरूरत होगी तो उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
सावन के साथ पिता-दादा को भी जेल
मेरठ कॉलेज के प्रोफेसर की बेटी दिवोल्का उर्फ काकू का अपहरण कर हत्या करने, साक्ष्य मिटाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के आरोप में तीन पीढ़ियां शुक्रवार को जेल भेज दी गईं। हत्यारोपी सावन, उसके पिता राजीव जैन और दादा रिटायर एसडीएम वेदप्रकाश को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दे दिए।
मोती प्रयाग कॉलोनी निवासी प्रो. प्रदीप कुमार यादव ने थाना नौचंदी पर एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी दिवोल्का लापता है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर शक के आधार पर बांबे बाजार, सदर बाजार निवासी दवा कारोबारी के पुत्र सावन जैन से तीन दिन पूछताछ की थी। बृहस्पतिवार सुबह दिवोल्का का शव सरधना क्षेत्र से बरामद हुआ था। इसके बाद अपहरण और हत्या में केस दर्ज किया गया।
पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी सावन जैन को शुक्रवार सुबह 10:30 बजे सीजेएम कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को अपहरण, हत्या और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की धाराओं में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने कोर्ट में हत्यारोपी सावन की मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की। इसमें उसकी उम्र 18 साल दो माह दर्शाई गई। शाम करीब चार बजे नौचंदी पुलिस ने मुख्य आरोपी के पिता राजीव जैन (46) और दादा वेद प्रकाश जैन (75) को भी सीजेएम न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को भी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
दादा-पिता को थी जानकारी:
कोर्ट ने तीनों आरोपियों की अग्रिम पेशी के लिए 22 अक्टूबर की तारीख तय की है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी के पिता और दादा को जानकारी थी कि छात्रा की हत्या कर दी गई है, लेकिन साक्ष्यों से छेड़छाड़ करते हुए पुलिस से इसे छिपाया गया। इन दोनों का चालान भी हत्या और अपराध को छिपाने में किया गया है।