यूपी: डिप्टी जेलर की गोली मारकर हत्या

अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 23 Nov 2013 08:35 PM IST
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deputy jailor of varanasi shot dead

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वाराणसी शहर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के पास स्थित एक जिम के सामने शनिवार सुबह कार सवार डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। कैदियों के प्रति डिप्टी जेलर के सख्त रवैये को घटना का कारण माना जा रहा है। कैंट पुलिस ने घटनास्थल से छह खोखे बरामद किए। पुलिस ने जिम के सीसीटीवी फुटेज को भी कब्जे में ले लिया है।
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घटना के बारे में पता लगाने के लिए डीआईजी जेल वीके जैन के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने जिला कारागार में बंदियों से पूछताछ की। पहली नजर में शक की सुई कस्टडी से फरार 12 हजार के इनामी सुनील यादव पर घूम रही है।
मेरठ शहर के गढ़ रोड निवासी अनिल त्यागी जिला कारागार में छह वर्षों से तैनात थे। वह परिवार के साथ कारागार परिसर के सरकारी आवास में रहते थे। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे वह अपनी कार से पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के पास स्थित जिम में कसरत करने के लिए निकले। वह जिम के सामने कार खड़ी कर रहे थे तभी दो बाइक पर सवार चार बदमाश वहां पहुंचे और डिप्टी जेलर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे।
murder jailor in varanasi
घटना को अंजाम देने के बाद चारों बदमाश फरार हो गए। मौके पर मौजूद एक डॉक्टर के शोर मचाने पर जिम से कुछ युवक बाहर आए और डिप्टी जेलर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डिप्टी जेलर को नौ गोलियां लगी थीं। घटना के समय जिम में कुछ दारोगा भी कसरत कर रहे थे, लेकिन वे घटना से बेखबर रहे।

घटना की जानकारी के बाद डिप्टी जेलर की पत्नी अनुभा अस्पताल पहुंचीं। एडीजी जीएल मीणा, एसएसपी राजेश डी मोडक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। गौरतलब है कि डिप्टी जेलर का तबादला पिछले साल हो गया था, लेकिन जेल अधीक्षक ने काम का दबाव अधिक होने की वजह से उन्हें रोक लिया था।

सख्त रवैये के कारण थे बदमाशों के निशाने पर
अपने सख्त स्वभाव के कारण डिप्टी जेलर अनिल त्यागी बदमाशों के निशाने पर थे। पिछले साल उन्होंने मऊ के एक कुख्यात बदमाश को जेल में सिम के साथ पकड़े जाने पर पीट दिया था। पुलिस कस्टडी से फरार सुनील यादव भी उनसे काफी खफा था। डीआईजी ए सतीश गणेश का कहना है कि घटना को योजनाबद्ध ढंग से अंजाम दिया गया है।

एक पखवारे से चक्कर लगा रहे थे बदमाश
जिला पुलिस की छानबीन से पता चला है कि बदमाशों का एक गैंग एक पखवारे से कचहरी और जेल के इर्द-गिर्द चक्कर काट रहा था लेकिन इसकी भनक पुलिस अधिकारियों को नहीं थी। इस मामले में डीआईजी ए सतीश गणेश ने जिम संचालक विकास से पूछताछ की।

उसने बताया कि डिप्टी जेलर जिम में समय बदल-बदलकर आते थे। कभी बाइक से तो कभी कार से। इसलिए बदमाश अपने मकसद में सफल नहीं हो पा रहे थे। लेकिन शनिवार की सुबह सटीक मुखबिरी के चलते वह अपने मकसद में कामयाब हो गए। घटना के समय जिम में मौजूद पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ होगी।

मौके पर दिखे थे चार बदमाश
पुलिस का मानना है कि मौके पर चार बदमाश दिखे थे। उनमें से दो हेलमेट लगाए हुए थे। मुखबिरी करने वाली टीम अलग हो सकती है। बदमाशों की तलाश करने के लिए गाजीपुर जिला जेल के बंदियों से भी पूछताछ की जा रही है।

पता चला है कि बीते 27 सितंबर को चौकाघाट रोड पर पुलिस कस्टडी से फरार सुनील यादव एक पखवारा पहले कचहरी आया था। उसने अपने करीबियों से मुलाकात की थी। वह डिप्टी जेलर से काफी नाराज था। पुलिस की टीम जेल में बंद मुन्ना बजरंगी गिरोह से जुड़े एक दर्जन बदमाशों से भी पूछताछ की है।
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