सिपाही को अगवा कर 20 लाख की फिरौती मांगी
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जिनके भरोसे आम जनता की सुरक्षा तय होती है, वही जब बदमाशों से महफूज नहीं हैं तो फिर क्या होगा इस समाज का? ये बड़ा सवाल है। यूपी में बंदमाश इस कदर बेखौफ हैं कि अब पुलिस वालों को भी अगवा करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। बेहद चौकाने वाला मामला यूपी के बागपत से हैं।
बागपत के चांदीनगर में एक सिपाही को अगवा कर उसके घरवालों से 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई है। इस वारदात के बाद से पुलिसिया महकमे में हड़कंप मचा है। लेकिन अगवा किए गए सिपाही को पुलिस बदमाशों से नहीं छुड़ा पाई है।
पुलिस ने सिपाही का फोन सर्वलांस पर भी लगाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। बदमाशों की तरफ से फोन पर कहा जा रहा है कि फिरौती की रकम दो वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।
पुलिसिया महकमे में हड़कंप
अगवा किए गए 28 वर्षीय सिपाही का नाम रविंद्र है। रविद्र के पिता भी पुलिस में थे, वो रिटायर हो चुके हैं। रविद्र की तैनाती दिल्ली के नरेला थाने में हुई। रविंद्र बागपत से ही रोजाना दिल्ली आकर ड्यूटी करता है। लेकिन बीते सोमवार को जब वह अचानक ला पता हो गया तो घर वाले सन्न रह गए।
बहुत खोजने पर भी सिपाही की खबर नहीं लगी। फिर रविंद्र के ही फोन नंबर से घरवालों को किए गए फोन में बताया गया कि उनके बेटे को अगवा किया गया है। उसे छोड़ने के लिए 20 लाख रुपए की रकम बतौर फिरौती मांगी गई। फिरौती की रकम न मिलने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
घरवालों ने इसकी शिकायत चांदीनगर थाना पुलिस से की। पुलिस वाले के अपहरण की सूचना किसी बज्रघात की तरह गिरी। थाने में हड़कंप मच गया। तमाम पुलिस अफसर चांदीनगर थाने की तरफ दौड़ पड़े।
खेत-खलिहानों में रविंद्र की तलाश की गई। सर्विलांस से भी उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की गई। लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। मामले में एसपी रवि शंकर छवि का कहना है कि अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मामले की जांच चल रही है। जल्द ही सिपाही को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।