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पुलिस सवाल पूछती रही, नारायण कहता रहा 'साईं-साईं'
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 06 Dec 2013 11:33 AM IST
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करीब दो महीने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला दुष्कर्म का आरोपी नारायण साईं पुलिस से बचने के लिए वायरलेस सेट का प्रयोग करता था। उसके काफिले की हर गाड़ी में एक सेट होता था। नारायण बहुत जरूरत पड़ने पर ही मोबाइल का प्रयोग करता था।
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अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी पुलिस से बचने के लिए गाड़ी बदलता रहता था और उस पर लालबत्ती लगा लेता था। नारायण ने दिल्ली पुलिस के सामने खुलासा किया कि गाड़ी में उसने सायरन भी लगा रखा था। पुलिस ने लालबत्ती व सायरन बरामद किया है।
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अपराध शाखा अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से जब भी दुष्कर्म के आरोपों को लेकर पूछताछ की गई तो वह चुप हो गया। सवाल पूछने पर नौवीं कक्षा फेल नारायण आंखें बंद कर लेता और साईं-साईं कहने लगता।
सीट पर लेट जाता था नारायण साईं
सफर के दौरान जब कोई पुलिस पिकेट व पेट्रोल पंप आदि पड़ता था तो नारायण गाड़ी की सीट पर लेट जाता था। इस बीच दो व्यक्ति उसको छुपा लेते थे। नारायण ने कई बार पुलिस से बचने के लिए सिख के अलावा मुस्लिम व्यक्ति का भी रूप धारण किया था।
पुलिस के अनुसार, लुधियाना की जिस गौशाला में नारायण छुपा था, वहां करीब 600 गाय हैं। वह वहां करीब 20 दिन तक रहा। वहीं, गुजरात पुलिस की एक टीम बृहस्पतिवार दोपहर को ईको स्पोर्ट्स कार व अन्य सामान लेकर गुजरात के लिए रवाना हो गई जबकि दूसरी टीम फ्लाइट से आरोपी को ले गई।
गुजरात पुलिस बुधवार देर रात करीब दो बजे फ्लाइट से नारायण को ले गई थी। उसको अपराध शाखा के सेक्टर-18, रोहिणी में स्थित कार्यालय में रखा गया था। रात में जब पुलिस उसे ले जाने लगी तो लोगों ने नारायण की गाड़ी को घेर लिया और टायरों को छू रहे थे। इस बीच लोग नारायाण से यही कर रहे थे कि वो उन्हें कोई आदेश देकर जाए।